उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन के साथ ही राम मंदिर में श्री राम यंत्र की स्थापना कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा देशभर के संतों के साथ ही विशिष्ट अतिथियों को विधिवित निमंत्रण भेजा जा रहा है. इस आयोजन में 300 से अधिक संत व 9000 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है.

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साकेत भवन के पीठाधीश्वर सीताराम दास जी महाराज को भी राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से औपचारिक आमंत्रण दिया गया है. सीताराम दास जी महाराज ने बताया कि श्री राम यंत्र की स्थापना अपने आप में अत्यंत दुर्लभ और विशेष आध्यात्मिक महत्व रखने वाली है. उनका कहना है कि श्री राम यंत्र की स्थापना से आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रसार होगा और विश्व में शांति तथा सद्भाव का संदेश जाएगा.

दुनिया को अध्यात्मिक दिशा देगी अयोध्या

संत समाज का मानना है कि अयोध्या से होने वाला यह आयोजन सनातन संस्कृति के प्रसार के साथ-साथ पूरी दुनिया को आध्यात्मिक दिशा देने का कार्य करेगा. अयोध्या को सप्तपुरी का मस्तक माना जाता है और यहां से विश्व शांति का संदेश देने की परंपरा रही है.

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सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर अलर्ट

कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी विशेष रूप से तैयार की जा रही है. राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्रों पर विशेष बारकोड दिया गया है, जिसके माध्यम से आमंत्रित अतिथियों की पहचान और प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा. बताया जा रहा है कि राम मंदिर परिसर में प्रवेश केवल निमंत्रण पत्र दिखाने के बाद ही संभव होगा.

300 संत पहुंचेंगे कार्यक्रम में

इस भव्य कार्यक्रम में देशभर से लगभग 300 संतों को आमंत्रित किया गया है, जबकि करीब 9000 विशिष्ट अतिथि श्री राम यंत्र स्थापना समारोह के साक्षी बनेंगे. इसके अलावा राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर भी एजंसियां लार्ट मोड पर हैं. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे.