अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने प्राथमिक रिपोर्ट प्रमुख सचिव गृह को सौंप दी है. लेकिन इस रिपोर्ट पर अयोध्या के संतों ने सवाल उठा दिए हैं. उन्होंने जाँच रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए पूछा कि अब तक एफआईआर क्यों नहीं? कहीं किसी को बचाने की कोशिश तो नहीं हो रही? 

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अयोध्या के संत करपात्री महाराज ने सवाल किया कि इस मामले में आख़िर अभी तक एफआईआर क्यों नहीं की जा रही है. कहीं ऐसा तो नहीं है कि किसी को बचाने की कोशिश की जा रही हो. करपात्री महाराज पहले इस मामले में मुकदमा दर्ज करने और फिर सीबीआई जांच की मांग की है. 

चढ़ावा चोरी में SIT जाँच पर भरोसा नहीं

इससे पहले राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हिंदू धर्म सेना के प्रमुख और पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने एसआईटी पर सवाल उठाए थे. उन्होंने रामजन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है. इस तहरीर में उन्होंने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बंसल, अनिल मिश्र, गोपाल राव और चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के खिलाफ तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की. लेकिन अभी भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई. 

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श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर अयोध्या के रहने वाले हरिशंकर सफरीवाला ने भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि चंपत राय ने उनका पंचायती मंदिर कब्जा किया. इन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में मौजूद मूर्तियां और गहने गायब हैं और इनके दबाव में एफआईआर दर्ज नहीं हुई. उन्होंने एसआईटी से मिलने की भी कोशिश की लेकिन टीम के लोग उनसे नहीं मिले. 

चंपत राय पर लगाए जमीन कब्जाने के आरोप

हरिशंकर सफ़रीवाला पंच प्रमुख ने आरोप लगाया राम निवास मंदिर में पहले संत राम गोपाल दास इसके मालिक थे. बाद में पांच लोग जिसमें हरिहर दास, हरिशंकर सिंह सफरीवाला, राजकुमार पांडेय और दूधनाथ सिंह इसके सदस्य बने. आरोप है कि चार लोगों की मौत के बाद 2019 नए सदस्य बने जिसमें देव नारायण तिवारी, शिखा पांडेय, रूबी सफरीवाला, चंद्रशेखर और हरिशंकर सफरीवाला शामिल हैं. 

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आरोप है कि जिसको यहां का पुजारी महंत बनाया उससे बयाना विला कब्जा का दस्तावेज लगाकर कब्जा किया. मूर्तियां गहने गायब हैं और कार्यालय पर भी कब्जा कर लिया. 22 दिसम्बर 2022 को रुपये के लेनदेन के बाद पंच कमेटी को बिना सूचित किये चंपत राय ने कब्जा ले लिया. उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन सारे प्रयास विफल हो गए. 

कमल नयन दास बोले राम न्याय करेंगे

महंत नृत्य गोपाल दास के शिष्य कमल नयन दास ने भी जांच में विश्वास नहीं जताया और जमीनों के रेट पर एतराज जताया. अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रसीद न मिलने और चंपत राय की जांच के दौरान कार्यक्रम में जाने की बाते चर्चा में हैं देखना ये होगा कि आगे की तस्वीर किस रूप में आती है ताकि जनता संतुष्ट हो सके.

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