उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस को एक और अहम सफलता मिली है.सूत्रों के मुताबिक, पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर एक गाड़ी को बरामद किया गया है. पुलिस ने इस गाड़ी को चोरी की रकम से खरीदी गई संपत्ति मानते हुए जब्त कर लिया है. 

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पुलिस अब ये भी जांच कर रही है कि चोरी की रकम से और कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गई थीं. पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला से मिली जानकारी के आधार पर ये बरामदगी की गई है. अविनाश  शुक्ला 13 घंटे की पुलिस रिमांड पर है.

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जून को शुरुआत में आया मामला सामने 

यहां बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावे की रकम के गबन का मामला जून के पहले सप्ताह में उस वक्त सामने आया, जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 7 जून को अपने एक्स हैंडल पर मंदिर में गबन को लेकर पोस्ट किया. जिसके बाद सियासी भूचाल आ गया. शुरुआत में मंदिर प्रबंधन ने आरोपों को नकारा, लेकिन जांच में कई कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने और भारी मात्रा में नगदी मिलने से मामला गर्मा गया.

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अब तक आठ गिरफ्तार 

सरकार ने इस मामले में  SIT गठित की अयोध्या पुलिस ने एक्शन लिया। अब तक इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें अविनाश शुक्ला (जिसके पास सबसे ज्यादा 20.39 लाख रुपये नकद बरामद हुए), अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, टिन्नू यादव  समेत अन्य शामिल हैं. कुल मिलाकर 80 लाख रुपये से ज्यादा नकद, सोना-चांदी के आभूषण, विदेशी मुद्रा और अन्य सामान बरामद किया जा चुका है.

इस मामले में SIT जांच अभी जारी है, ट्रस्ट के पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी पूछताछ हो चुकी है, इन्हें हटाने और इस्तीफे का दावा है. लेकिन ये तीनों अभी मंदिर परिसर में बने हुए हैं. जिसको लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. जबकि एफआईआर में इन तीनों में से किसी का नाम नहीं है.

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