अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी के मामले को लेकर एसआईटी जांच जारी है. इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा है कि SIT जिनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहेगी उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. जब उनसे सवाल किया गया कि क्या एसआईटी की जांच के बाद चंपत राय के वापस लौटने का रास्ता खुलता है. इस पर गोविंद देव गिरी ने कहा, ''ऐसी कोई बात नहीं है.'' बता दें कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने सोमवार (06 जुलाई) को चंपय राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया है.
ट्रस्टियों ने विश्वासघात नहीं किया- गोविंद देव गिरि
ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय का गोविंद देव गिरी ने एक तरह से बचाव भी किया. उन्होंने कहा, ''ट्रस्टियों ने विश्वासघात नहीं किया है, ये विश्वासघात चंपत जी ने जिन लोगों को रखा था, उनलोगों ने जिन लोगों को पाला था, उन्होंने विश्वासघात किया है. SIT जिनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहेगी उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.''
'गोपाल राव निमंत्रित व्यक्ति के रूप में नहीं आएंगे'
उन्होंने कहा, ''मेरे सिग्नेचर होने का कोई तुक नहीं था. मीडिया में कुछ भी बवाल आता है उसका जिम्मेदार ट्रस्ट नहीं है, गोपाल राव जी निमंत्रित व्यक्ति के रूप में नहीं आएंगे, उनपर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसमें आमूलचूल परिवर्तन होगा.''
दान चोरी के दोषियों को सजा मिले- गोविंद देव गिरी
गोविंद देव गिरी का ये भी कहना है कि इस मामले में जो कोई भी दोषी हो, वो चाहे सामने हों या कहीं छिपे बैठे हों, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. गिरि ने कहा, ''हम चाहते हैं कि दान चोरी के दोषियों को सजा मिले, लेकिन जो लोग अचानक सनातन प्रेम प्रदर्शित कर रहे हैं, वे बस हिंदुओं को बांटने का प्रयास कर रहे हैं.
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने ये भी कहा कि दान में दी गयी जिन महंगी चीजों के चोरी होने की बात कही जा रही है, वे सभी प्रदर्शित की जाएंगी. उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को ट्रस्ट की एक और अहम बैठक होगी.
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