अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का मामला पूरे देश में गरमाया हुआ है. एसआईटी इसकी जांच कर रही है. इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार के साथ ही जांच एजेंसी को भी घेरा है. उन्होंने हमला बोलते हुए सबूतों को ठिकाने लगाने की आशंका जाहिर की है. सपा अध्यक्ष ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सचेत भी किया.

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कहीं जांच की रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए- अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''SIT ध्यान रखे. कहीं जांच की रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए. फिर कहेंगे 15 दिन और इंतजार कर लो. दिन इसलिए बढ़ा रहे हैं, क्योंकि सबूत ठिकाने लगा रहे हैं.''

एसआईटी ने कई लोगों से की है पूछताछ

अयोध्या में राम मंदिर के दान और वित्तीय प्रबंधन में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए गठित एसआईटी ने कई लोगों से पूछताछ की है. एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को जांच पूरी होने तक अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं. राम मंदिर से जुड़े सूत्रों ने रविवार (21 जून) को इस बारे में जानकारी दी है. एसआईटी ने लखनऊ रवाना होने से पहले इस बारे में निर्देश जारी किए हैं.

भगवान राम को चढ़ाए गए आभूषणों के रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी!

सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट को सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रस्तुत करने से पहले अंतिम रूप दिया जाएगा. पीटीआई के मुताबिक सूत्रों की मानें तो प्रारंभिक जांच में भगवान राम को चढ़ाए गए सोने, चांदी के आभूषणों, हीरे और अन्य कीमती पत्थरों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई है.  ट्रस्ट के पदाधिकारी सोने, चांदी और अन्य आभूषणों तथा कीमती पत्थरों से संबंधित रिकॉर्ड पर एसआईटी को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके.

योगी सरकार ने जांच के लिए SIT की है गठित

बता दें कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के चंदे की हेराफेरी का मामला सामने आया है. अखिलेश यादव समेत विपक्षी पार्टियां लगातार इस मसले को उठा रही है. यूपी की योगी सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के आग्रह पर अयोध्या राम मंदिर में मिले दान के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. 

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