उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एंटी करप्शन कोर्ट ने आरोपियों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव की 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है. पुलिस अब दोनों से आमने-सामने बैठाकर गहन पूछताछ करेगी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल करेगी.

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एंटी करप्शन कोर्ट ने विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से दाखिल 7 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी पर सुनवाई करते हुए 39 घंटे की सशर्त पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है. कोर्ट के आदेश के अनुसार, पुलिस को शनिवार सुबह 8 बजे से 19 जुलाई की रात 11 बजे तक तीनों आरोपियों से पूछताछ की अनुमति दी गई है.

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 चढ़ावा चोरी से जुड़े तथ्य आएंगे सामने 

जांच एजेंसी का मानना है कि पुलिस कस्टडी के दौरान आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ कर चढ़ावा चोरी से जुड़े तथ्यों, धन के लेन-देन, अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और साक्ष्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा सकेगी. अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की पूछताछ और उससे मिलने वाले तथ्यों पर सभी की नजरें टिकी हैं,

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7 जून को हुआ था खुलासा 

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पहली बार 7 जून को उठाया था. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसको लेकर पोस्ट किया था, जिसके बाद हडकंप मच गया था. पहले तो मंदिर प्रबंधन और बीजेपी ने आरोपों को नकारा, लेकिन सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने और कई कर्मचारियों के यहां से नगदी मिलने पर आरोप सही साबित हुए.

मामला बढ़ता देख सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया और  25 जून को इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ. अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. यही नहीं ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी हो चुका है, जबकि गोपाल राव को भी मंदिर के कामकाज से पूरी तरह हटा दिया गया है.

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