अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की एसआईटी जांच के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता बढ़ती दिख रही है. जिले के पांचों विधायक और महापौर ने हाल ही में चंपत राय से मुलाकात की. नेताओं का कहना है कि एसआईटी की जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने से पहले किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.
हालांकि इससे पहले व्यापारी संगठनों, साधु-संतों और संघ-विश्व हिंदू परिषद से जुड़े पदाधिकारी भी चंपत राय के समर्थन में सामने आ चुके हैं. फिलहाल चंपत राय अयोध्या में मौजूद नहीं हैं. लेकिन इन मुलाकातों के बाद अयोध्या में सियासी हलचलें तेज हो गई हैं.
चंपत राय से मिले पांचों विधायक
जानकारी के मुताबिक राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से जिले के पांचों विधायक और महापौर ने तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचकर मुलाकात है. इनमें अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान, बीकापुर विधायक डॉ अमित सिंह चौहान, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक प्रतिनिधि रोहित सिंह शामिल रहे.
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए. राम मंदिर से जुड़े प्रकरण के बीच हुई इस मुलाकात राजनीतिक और सामाजिक तौर पर माना जा रहा है.
'जनसंख्या बढ़ रही है, 9 बच्चे हैं तो...', मुजफ्फरनगर हादसे पर योगी के मंत्री का विवादित बयान
एसआईटी जांच के बीच सियासी हलचल
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण आने के बाद चंपत राय ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. जिसके बाद भी उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग आगे बढ़कर आ रहे हैं. इस मामले को लेकर अभी एसआईटी की फ़ाइनल रिपोर्ट सामने नहीं आई है. बता दें कि इससे पहले व्यापारिक संगठनों, साधु-संतों तथा संघ और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े पदाधिकारी भी चंपत राय के समर्थन में अपनी बात सार्वजनिक कर चुके हैं. इन जनप्रतिनिधियों की ये मुलाकात भी उनके प्रति समर्थन के संकेत के रूप में देखी जा रही है.
'इतना पिए रहोगे बे.. तो काम कैसे करोगे..', नशे में मिले बिजलीकर्मी को BJP विधायक ने लगाई फटकार
