उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज निषाद राज जयंती के अवसर पर श्रद्धा और आस्था का भव्य संगम देखने को मिला. निषाद राज चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने निषाद राज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे.

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रामनगरी अयोध्या में निषाद राज जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई.कार्यक्रम के तहत नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता निषाद राज चौराहे पहुंचे. जहां उन्होंने महाराज निषाद राज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया.

विधायक ने रामायण प्रसंग को किया याद

इस मौके पर विधायक ने कहा कि निषाद राज और भगवान श्रीराम का संबंध केवल एक प्रसंग नहीं बल्कि आस्था और समर्पण की मिसाल है. उन्होंने रामायण के उस प्रसंग को भी याद किया जब वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम को गंगा पार कराने के लिए केवट ने अपनी नाव समर्पित की थी.

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विधायक ने कहा, “कभी-कभी भगवान को भी अपने भक्तों की जरूरत पड़ती है और निषाद राज का योगदान उसी भावना का प्रतीक है.” उन्होंने निषाद समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अयोध्या में निषाद राज का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके बिना राम कथा अधूरी मानी जाती है.

निषाद राज की भूमिका को प्रेरणा बताया

उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम के जीवन में निषाद राज की भूमिका एक आदर्श प्रस्तुत करती है. जो सेवा, समर्पण और सच्ची भक्ति का संदेश देती है. अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत में निषाद राज का सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए.

अयोध्या में रोजाना के साथ ही निषाद राज जयंती के उपलक्ष्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालू भी पहुंचे थे. भगवान राम के साथ ही अयोध्या में निषाद राज की प्रतिमा भी स्थापित की गयी है. एक बड़ा वर्ग उनका अनुयायी है.