रामनगरी अयोध्या में एक बार फिर संत समाज के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है. जगतगुरु परमहंसाचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के उस बयान पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के माध्यम से हिंदू लड़कियों की मुस्लिम युवकों से शादी कराने का दावा किया था.

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जगतगुरु परमहंसाचार्य ने इस पूरे मामले को बरसों पुराना बताते हुए कहा कि जब यह बातचीत हुई थी, तब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुद संख्या को लेकर भ्रम पैदा किया. उन्होंने कहा कि पहले 10 हजार और फिर 10 लाख की बात कही गई, जो अपने आप में सवाल खड़े करती है.

'... तो अविमुक्तेश्वरानंद इतने वर्षों तक क्यों रहे मौन?'

परमहंसाचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा, अगर इतना बड़ा मामला था, तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इतने वर्षों तक मौन क्यों रहे? उन्होंने इसे संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा समय में अपने खिलाफ चल रहे मामलों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के जरिए एक भी ऐसी शादी का उदाहरण पेश कर दिया जाए, तो उनके दावे पर विचार किया जा सकता है. अन्यथा यह बयान पूरी तरह झूठा और भ्रामक है.

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अविमुक्तेश्वरानंद के बयान को बताया साजिश

परमहंसाचार्य ने आगे कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान अक्सर विवादित रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वे पहले भी योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं, जिससे सनातन धर्म से जुड़े लोगों की भावनाएं आहत होती रही हैं. परमहंसाचार्य ने इस पूरे बयान को “साजिशपूर्ण” करार देते हुए कहा कि यह हिंदू समाज और संघ के प्रति लोगों के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास है.

उधर, जगतगुरु परमहंसाचार्य ने प्रभु श्रीराम की माता कौशल्या को लेकर सपा नेता के कथित विवादित बयान पर आपत्ति जताई है. परमहंसाचार्य ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है.