Corruption in Social Welfare Department Auraiya: यूपी के औरैया जिले (Auraiya) में समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department) से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि विभाग को कुछ अधिकारियों ने अपने और अपने रिश्तेदारों के खाते में डाल दिया, डीएम ने अब इस मामले में जांच की बात कही है. इस मामले को लेकर एक शिकायतकर्ता ने मुख्य विकास अधिकारी को लिखित शिकायत पत्र दिया था जिसमें बताया गया कि अनुसूचित जाति अत्याचार उत्पीड़न की दी जाने वाली राशि में तीन करोड़ रुपयों में से पच्चीस लाख रुपए समाज कल्याण विभाग के अधिकारी पटल सहायक ने अपने खाते और अपने रिश्तेदारों के खातों में डाल दिए है. 
 
दो अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप
औरैया जिले में समाज कल्याण विभाग में तमाम मामले सामने आ चुके हैं लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई कार्रवाई विभाग के लापरवाह भ्रष्ट अधिकारियो पर नहीं की गई है. कहीं विधवा पेंशन में एक लाभार्थी के खातों में दो बार पेंशन दी जा रही है तो कही जीवित वृद्ध महिला-पुरुषों को मृत घोषित कर दिया जाता है. लेकिन समाज कल्याण से अब ऐसा मामला सामने आया है जिसमें अधिकारियों के होश उड़ गए. 7 मई को शिकायतकर्ता शिवम नाम के युवक ने औरैया जिले के मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार को लिखित शिकायत पत्र देकर इसकी शिकायत की. 
 
शिकायतकर्ता ने लगाया बड़ा आरोप
इस शिकायती पत्र में समाज कल्याण में दो बड़े अधिकारियों के किए गए घोटाले का जिक्र किया है. शिकायत के मुताबिक समाज कल्याण विभाग में अनुसूचित जाति अत्याचार उत्पीड़न के लिए जो मद तीन करोड़ आया था उसमेंं से विभाग के ही आकाश गौतम पटल सहायक व प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी आशुतोष सिंह ने मिलकर 25 लाख रुपये आकाश गौतम ने अपने और अपने रिश्तेदारों के खाते में डाल दिए. जिसकी जांच की जानी चाहिए. इस शिकायत पत्र के मिलने के बाद से विभाग में हड़कंप मच गया है. लेकिन अभी तक इस घोटाले को लेकरजांच पर सही जानकारी नहीं दी जा रही है.
 
डीएम ने कही जांच की बात
बिधूना के रहने वाले शिकायतकर्ता शिवम ने कहा है 2021-22 तक के सभी लाभार्थियों के खातों की तीन सदस्यीय टीम बना कर जांच की जाए जिससे विभाग में हुए घोटाले को लेकर इन दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके. इस मामले को लेकर जिला अधिकारी का कहना है अनुसूचित जाति अत्याचार उत्पीड़न की जो राशि दी जाती है वह सीधे लाभार्थियों के खाते में दी जाती है. जो शिकायत मिली है उसकी जांच की जा रही है.
 
ये भी पढ़ें-