ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर बच्चों से यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में आशुतोष ब्रह्मचारी ने जवाब और दस्तावेज नहीं दाखिल किया है.

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दरअसल, यह मामला शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज पॉक्सो एक्ट के मुकदमे से जुड़ा हुआ है. हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया था. कोर्ट में सभी पक्षकारों को जवाब और दस्तावेज दाखिल करने का आदेश दिया था. 

आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में क्यों नहीं दाखिल किए दस्तावेज?

वहीं इस पर आशुतोष ब्रह्मचारी का बयान सामने आया है, आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि सुरक्षा कारणों के चलते वह जवाब और दस्तावेज दाखिल नहीं कर सके. उन्होंने कहा है कि पुलिस और प्रशासन की ओर से आवश्यक सुरक्षा और संरक्षण उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण हाईकोर्ट में उपस्थित होकर दस्तावेज साक्ष्य प्रस्तुत करना संभव नहीं हो पा रहा है.

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आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज कराई FIR

आपको बता दें कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने एफआईआर में दो नाबालिग बटुकों से कुकर्म करने का आरोप लगाया है. इसी मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी.

कोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर लगाई थी रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की जमानत पर 27 फरवरी को सुनवाई करते हुए जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच ने ऑर्डर आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने विवेचना में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को सहयोग करने का भी आदेश दिया था. इसके साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षकारों से रिटन सबमिशन यानी जवाब और दस्तावेज 12 मार्च तक दाखिल करने का आदेश दिया था.