यौन शोषण के मामले में सजायाफ्ता आसाराम 10 मार्च को धर्मनगरी अयोध्या पहुंचे. वहां उन्होंने अपने प्रवास के दौरान सरयू तट पर आयोजित भव्य आरती में हिस्सा लिया और रामनगरी के प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किया. 

Continues below advertisement

अयोध्या पहुंचने के बाद आसाराम बापू ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने बताया कि भारत में सात ऐसे मोक्षदायी तीर्थ स्थल हैं, जिनका महत्व पूरे विश्व में अद्वितीय माना जाता है. उनका कहना था कि इस पवित्र भूमि पर यदि किसी व्यक्ति के प्राण त्याग होते हैं तो उसे मंगलकारी माना जाता है.

तीर्थ आने से दोषों में आती है कमी- आसाराम बापू 

अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय परंपरा और आयुर्वेद का उल्लेख करते हुए कहा कि इंसानी शरीर में तीन दोष वात, कफ और पित्त माने जाते हैं, और अयोध्या जैसे पवित्र तीर्थ में आने से मन और शरीर दोनों को विशेष शांति मिलती है. आसाराम बापू ने यह भी बताया कि राम मंदिर निर्माण के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा है.

Continues below advertisement

उन्होंने कहा कि वे राम लला मंदिर के दर्शन और हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए अयोध्या आए हैं. इस दौरान उन्होंने सरयू नदी के तट पर आयोजित सरयू आरती में भाग लेकर देश की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना भी की. फिलहाल उनका अयोध्या प्रवास जारी है.

आसाराम बापू ने 7 जगहों का किया जिक्र

आसाराम बापू ने कहा कि अपने भारत का सौभाग्य है. यह इस जगह की ताकत है कि कैसा भी आदमी प्राण छोड़ दे अथवा जाए तो सब मंगल होता ही है. ऐसी 7 जगहें हैं अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, अवंतिका, पुरी द्वारका ये सभी मोक्ष के धाम हैं.

उन्होंने बताया कि हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ तीन दोष होते हैं. इन तीर्थों में आने से एक दोष कम हो जाता है. इसमें अयोध्या नम्बर 1 पर है. उसके बाद मथुरा है. ऐसे भी प्रमाण मिले हैं कि मथुरा में जो साधु भेष में रहे, वे मृत्यु के बाद नर्क में नहीं गए.