अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में चल रहे छात्र प्रदर्शनों की धमक अब दिल्ली और लखनऊ तक पहुंच चुकी है. छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राखी भेजकर उनकी रक्षा की मांग की है. यह प्रदर्शन फीस वृद्धि और प्रशासनिक बर्बरता के खिलाफ है, जो अब राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर रहा है. जबकि एएमयू प्रशासन बैकफुट पर नजर आ रहा है, वहीं छात्रों को अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों का समर्थन मिल रहा है.
बता दें कि एएमयू के बाबे सय्यद गेट पर 8 दिन से धरना जारी है, जहां छात्रों ने फीस वृद्धि और प्रशासनिक बर्बरता के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. छात्राओं ने आरोप लगाया कि एएमयू प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान बर्बरता की, जिससे दो छात्र हिरासत में लिए गए. इस घटना ने प्रदर्शन को और तेज कर दिया.
छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
लॉ फैकल्टी के छात्रों ने संविधान हाथ में लेकर प्रदर्शन किया और कहा कि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है. यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़े प्रदर्शन होंगे. गेट पर नमाज पढ़ने पर AMU प्रबन्धन ने पुलिस को कैम्पस में बुला लिया था और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया था,जिसके बाद मामला और बढ़ गया है.
पीएम मोदी और सीएम योगी से की अपील
लॉ फैकल्टी के छात्र मोहम्मद कैफ ने कहा कि एएमयू प्रशासन छात्रों के साथ बर्बरता कर रहा है. फीस वृद्धि कम करने की मांग को अनसुना किया जा रहा है. यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो हम लगातार प्रदर्शन करेंगे. छात्राओं ने बताया कि हमारी रक्षा अब एएमयू प्रशासन से नहीं हो पा रही. इसलिए हमने पीएम मोदी और सीएम योगी को राखी भेजी है, ताकि वे हमारी मदद करें.
AMU प्रशासन कानून-व्यवस्था पर अडिग
एएमयू प्रशासन ने कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया और कानून व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया, लेकिन छात्रों का कहना है कि कई आदेशों को मानने से इनकार किया जा रहा है. एएमयू प्रशासन से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
