अमेठी में कस्तूरबा विद्यालय में विवाद, थाने के बाहर धरने पर बैठीं छात्राएं, 2 टीचर्स पर गंभीर आरोप
Amethi News: छात्राएं अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचीं और शिक्षिकाओं पर मानसिक व जातिगत उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगीं. छात्राओं ने मारपीट व उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, शुकुल बाजार की छात्राओं ने मंगलवार को विद्यालय में कार्यरत दो शिक्षिकाओं पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्राओं और परिजनों ने थाना परिसर के सामने सड़क जामकर आरोपी शिक्षिकाओं के खिलाफ तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने की. मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने छात्राओं और परिजनों को समझा-बुझा कर शांत किया.
छात्राओं का आरोप है की शिक्षिका न सिर्फ मारपीट बल्कि जातिसूचक गालियां देतीं हैं. शिकायत के बाद कार्रवाई न होने से आज छात्राओं और उनके परिजनों का सब्र जबाब दे गया.
क्या है पूरा मामला ?
मंगलवार दोपहर विद्यालय की लगभग पचास से अधिक छात्राएं अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचीं और शिक्षिकाओं पर मानसिक व जातिगत उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगीं. परिजन राहुल बौद्ध द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया है कि विद्यालय में तैनात शिक्षिका नीतू श्रीवास्तव बच्चियों के साथ जाति सूचक टिप्पणियाँ करती हैं और नाम काट देने की धमकी भी देती हैं. परिजनों का आरोप है कि बच्चियों को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसकी शिकायत प्रबंधन स्तर पर भी की गई, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई.
छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में पढ़ाई का माहौल खराब हो चुका है. कई छात्राएं डरी-सहमी रहती हैं और मानसिक तनाव में हैं. आरोप है कि शिक्षिकाएं न केवल बच्चियों पर चिल्लाती हैं, बल्कि उन्हें सहपाठी छात्रों के माध्यम से गाली-गलौज और मारपीट करवाने तक के लिए उकसाती हैं. यही नहीं शिक्षिकाएं अपनी बेटियों से छात्राओं को पिटवाती है. छात्राओं का कहना है कि वे प्रतिदिन भय के माहौल में स्कूल में रहती हैं और अपनी बात रखने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है.
दो शिक्षिकाओं में विवाद आया सामने
बच्चियों के अनुसार विद्यालय की दो शिक्षिकाओं के बीच कुछ समय से तनाव चल रहा है. हाल ही में हुई जांच में छात्राओं ने अधिकारियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी दी थी. आरोप है कि इसके बाद से शिक्षिकाएं उनसे बदले की भावना से पेश आ रही हैं. छात्राओं का यह भी कहना है कि प्रबंधन के अंदरूनी विवाद का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है.
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
प्रदर्शन की सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र शुक्ला, थाना अध्यक्ष विवेक वर्मा और विक्रमादित्य तिवारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया. अधिकारियों के समझाने के बावजूद छात्राएं और परिजन आरोपी शिक्षिकाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे. लगभग एक घंटे तक सड़क जाम रहने से यातायात बाधित रहा. बाद में पुलिस ने किसी तरह जाम हटवाया और स्थिति सामान्य हुई.
दोनों शिक्षिकाओं को हटाया गया
इस पूरे मामले पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने बताया कि वहां पर अर्चना बौद्ध और नीतू श्रीवास्तव नाम की दो शिक्षिकाएं हैं जिनका आपसी विवाद चल रहा है. जिसको देखते हुए विद्यालय में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न ना हो इसके लिए जिलाधिकारी महोदय के अनुमोदन के उपरांत दोनों शिक्षिकाओं को वहां से हटा दिया गया है.
यह शिक्षिकाएं वहां से जाना नहीं चाहती हैं इसीलिए अपने-अपने पक्ष के बच्चों को लेकर एक दूसरे का विरोध प्रदर्शन कर रही हैं जो की बिल्कुल गलत है. इसमें से एक शिक्षिका का स्थानांतरण तिलोई तो दूसरी का बहादुरपुर कर दिया गया है. यदि यह शिक्षिकाएं अपने स्थानांतरित स्थान पर पहुंचकर ज्वाइन नहीं करती है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी.
बीएसए ने यह भी कहा कि कस्तूरबा विद्यालय जैसे आवासीय संस्थानों में बच्चियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सर्वोपरि होता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है. लोगों का कहना है कि यदि बच्चियां ऐसा आरोप लगा रही हैं तो इसकी गहनता से जांच होनी ही चाहिए. परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द आरोपी शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे.
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने तहरीर लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वस्त किया है कि उनकी बात सुनी जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन बच्चियों के आरोप ने विद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं.
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Source: IOCL























