अमेठी के जामो थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरे परमेश्वरी मजरे घाटमपुर गांव में शुक्रवार (5 जून) की रात एक दर्दनाक हादसा हो गया. घर की कच्ची एवं जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आकर मां और बेटी की मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई.

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सो रहे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी ओमप्रकाश का परिवार शुक्रवार की रात भोजन करने के बाद घर में सो रहा था. रात करीब 3:30 बजे परिवार के सदस्य गहरी नींद में थे, तभी मकान की कच्ची और जर्जर दीवार अचानक गिर पड़ी. दीवार के पास सो रही ओमप्रकाश की पत्नी कमलेश कुमारी और उनके दो बच्चे मलबे के नीचे दब गए.

दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद मिट्टी एवं मलबा हटाकर तीनों घायलों को बाहर निकाला. इसके बाद 108 एंबुलेंस की सहायता से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामो पहुंचाया गया.

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अस्पताल में मां-बेटी को किया गया मृत घोषित

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामो में चिकित्सकों ने कमलेश कुमारी (32) पत्नी ओमप्रकाश और उनकी पुत्री आँशी (7) को मृत घोषित कर दिया. वहीं गंभीर रूप से घायल दीपांशु (9) की हालत नाजुक होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है.

मृतका कमलेश कुमारी अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गई हैं. इनमें दीपक (12), शिवानी (10), दीपांशु (9), और दीपांशी (4) शामिल हैं. हादसे में आँशी (7) की मौत हो गई. एक साथ मां और बेटी की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.

सूचना पर पहुंची पुलिस, शुरू की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही जामो थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने की कार्रवाई शुरू की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. साथ ही घटना की जानकारी राजस्व विभाग को भी दी गई है.

प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि कच्ची दीवार गिरने से महिला और उसकी पुत्री की मृत्यु हुई है, जबकि एक बालक गंभीर रूप से घायल है. पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. राजस्व विभाग को भी सूचित कर दिया गया है तथा प्रशासनिक टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई करेगी.

जर्जर मकानों को लेकर चिंता बढ़ी 

इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर और कच्चे मकानों की समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है. बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ऐसे मकानों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके. इसी के साथ ही अभी जांच का विषय है कि आखिर इतनी जर्जर दीवाल होने के बावजूद परिवार कैसे रह रहा था क्या उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला? फिलहाल तहसील प्रशासन इस बात की जानकारी करने में जुट गया है.

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