एक्सप्लोरर

वेंटिलेटर नहीं मिलने से नवजात की मौत पर कोर्ट सख्त, अफसरों को फटकारा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं मिलने से नवजात की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए अफसरों को फटकार लगाई और सरकार से ऐसी परिस्थितियों से निपटने को लेकर कार्ययोजना मांगी है.

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है. सुल्तानपुर से लखनऊ इलाज के लिए लाए गए नवजात की वेंटिलेटर और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने से मौत के मामले में कोर्ट ने अफसरों को फटकार लगाई है. कोर्ट ने मामले की जांच कराने के साथ ही राज्य सरकार से ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए कार्ययोजना भी मांगी है.

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने आशुतोष कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया. कोर्ट ने चिकित्सा विभाग के अपर मुख्य सचिव को मामले में हुई लापरवाही की जांच कराने के निर्देश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी.

हाईकोर्ट ने लगाई अफसरों को फटकार

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं पर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि सुल्तानपुर में करीब तीन साल पहले मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ. लेकिन, वहां वेंटिलेटर और बाल रोग सर्जन तक उपलब्ध नहीं हैं. जबकि इसी अस्पताल में प्रसव कराए जाते हैं.

कोर्ट ने सवाल उठाया कि प्रसव के बाद अगर किसी नवजात को गंभीर जटिलता होती है और बाल रोग विशेषज्ञ या सर्जन की जरूरत पड़ती है, तो उसका इलाज कैसे होगा? कोर्ट ने प्रदेश के दूसरे मेडिकल कॉलेजों में भी ऐसी सुविधाओं की स्थिति पर चिंता जताई.

24 घंटे तक चक्कर लगाता रहा परिवार

मामला 25 जुलाई 2026 का है. सुल्तानपुर के सरकारी स्वायत्त चिकित्सा महाविद्यालय में एक नवजात का जन्म हुआ था. जन्म के बाद उसमें जन्मजात जटिलताएं सामने आईं और उसे वेंटिलेटर समेत तत्काल विशेषज्ञ इलाज की जरूरत थी. नवजात को इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू लाया गया. 

आरोप है कि यहां ऑक्सीजन सुविधा वाले बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण इलाज नहीं मिल सका. इसके बाद परिवार नवजात को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लेकर पहुंचा, लेकिन वहां भी बेड उपलब्ध नहीं मिला.

हरीश रावत का इस्तीफा CM धामी के लिए फायदा या नकुसान? क्या बदलेगा नैरेटिव

इसके बाद नवजात को संजय गांधी पीजीआई ले जाया गया लेकिन, वहां भी इलाज के लिए बेड नहीं मिल सका. लगातार अस्पतालों के चक्कर लगाने के बीच 26 जुलाई को नवजात की मौत हो गई.

कोर्ट ने मांगी पूरी व्यवस्था की रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, केजीएमयू के कुलपति, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक, एसजीपीजीआई के निदेशक और सुल्तानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया था.

अब कोर्ट ने सरकार से यह बताने को कहा है कि भविष्य में ऐसे गंभीर मामलों में मरीजों और नवजातों को समय पर वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बेड और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए क्या कार्ययोजना है.

मिशन 2027 को लेकर BJP का महामंथन, सरकार-संगठन से लिया फीडबैक

निखिल साहू (Nikhil sahu) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीते 8 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं. पत्रकारिता में स्नातक किया है. 6 वर्षों का प्रिंट मीडिया का अनुभव है. जिसमें दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम, 4पीएम और स्वतंत्र प्रिंट शामिल है. डिजिटल मीडिया में गहरी पकड़ है, राजनीति, क्राइम, डेवलपमेंट और स्वास्थ की खबरों पर खास पकड़ है. ग्राउंड-जीरो रिपोर्टिंग का अनुभव है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

यूपी: महिला सुरक्षा के तैयार हो रहा विशेष मॉनिटरिंग सेल, ऐप से होगा कनेक्ट
यूपी: महिला सुरक्षा के तैयार हो रहा विशेष मॉनिटरिंग सेल, ऐप से होगा कनेक्ट
अखिलेश यादव पर मंत्री गिरीश यादव का तंज, 'अयोध्या गए थे तो रामलला...'
अखिलेश यादव पर मंत्री गिरीश यादव का तंज, 'अयोध्या गए थे तो रामलला...'
UPSIDA: फैक्ट्री रजिस्ट्रेशन 3 साल में दोगुने से अधिक, निवेश-रोजगार को रफ्तार
UPSIDA: फैक्ट्री रजिस्ट्रेशन 3 साल में दोगुने से अधिक, निवेश-रोजगार को रफ्तार
UP: ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी@5.0 की तैयारियां तेज, 7000 परियोजनाएं तैयार
UP: ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी@5.0 की तैयारियां तेज, 7000 परियोजनाएं तैयार
Advertisement

वीडियोज

आंदोलन की बदलती 'भाषा', शुरू हुआ रील आंदोलन !
Gyanesh Kumar के खिलाफ Rahul Gandhi अब कहां रुकेंगे?
खामोश ज्ञानेश...सड़क पर क्लेश...संग्राम शेष?
दुनिया छोड़कर चला गया बॉलीवुड का 'क्रांतिवीर'
ना सबूत, ना आधार.. बस सड़क पर आर-पार!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Bypolls Result 2026 LIVE Streaming: नंदीग्राम में BJP और तमिलनाडु में चलेगा विजय का जादू? कहां-कैसे देखें रिजल्ट
नंदीग्राम में BJP और तमिलनाडु में चलेगा विजय का जादू? कहां-कैसे देखें रिजल्ट Live
CJP प्रोटेस्ट से पहले सुरक्षा घेरा, दिल्ली में 20000 से अधिक जवानों की तैनाती
CJP प्रोटेस्ट से पहले सुरक्षा घेरा, दिल्ली में 20000 से अधिक जवानों की तैनाती
वैभव सूर्यवंशी के 'सुपरस्टार' बनने पर कपिल देव का बड़ा बयान, कांबली से की तुलना
वैभव सूर्यवंशी के 'सुपरस्टार' बनने पर कपिल देव का बड़ा बयान, कांबली से की तुलना
नाना पाटेकर के निधन पर तनुश्री दत्ता का बड़ा बयान, 'अहंकारी आदमी था, ईश्वर ने ही प्राण हरे हैं...'
नाना पाटेकर के निधन पर तनुश्री दत्ता का बड़ा बयान, 'अहंकारी आदमी था, ईश्वर ने ही प्राण हरे हैं...'
'घर में रहे, Video न शेयर करें', भारतीय दूतावास की सऊदी में अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी
'घर में रहे, Video न शेयर करें', भारतीय दूतावास की सऊदी में अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी
'अभी इंतजार कीजिए', स्टारलिंक विवाद पर क्यों एलन मस्क बोले- थैंक्यू राहुल
'अभी इंतजार कीजिए', स्टारलिंक विवाद पर क्यों एलन मस्क बोले- थैंक्यू राहुल
'ज्ञानेश कुमार की तय हो जवाबदेही', दीपके को डर- '10 अक्टूबर से पहले गिरफ्तार..'
'ज्ञानेश कुमार की तय हो जवाबदेही', दीपके को डर- '10 अक्टूबर से पहले गिरफ्तार..'
SIR के पक्ष में उतरे 42 रिटायर्ड जज, देश के नाम खुला खत लिखकर किया आगाह
SIR के पक्ष में उतरे 42 रिटायर्ड जज, देश के नाम खुला खत लिखकर किया आगाह
Embed widget