जनगणना-2027 के कार्य में लगाए गए निजी विद्यालयों के 650 से अधिक शिक्षकों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद राहत मिली है. कोर्ट ने निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाने पर रोक लगा दी है, जिसके बाद जिले के कई निजी स्कूलों ने अपने शिक्षकों को इस कार्य में भेजने से मना कर दिया है.

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जानकारी के अनुसार, निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में जनगणना-2027 की तैयारियां चल रही थीं और इसके लिए निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी. हालांकि, इस निर्णय का कई शिक्षकों और स्कूल प्रबंधनों ने विरोध किया. उनका तर्क था कि निजी शिक्षकों को इस प्रकार के सरकारी कार्यों में लगाना नियमों के अनुरूप नहीं है और इससे शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं.

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शिक्षकों ने लगाया पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं देने का आरोप

वहीं शिक्षकों का आरोप है कि जनगणना कार्य के लिए उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अव्यवस्था की शिकायतें भी सामने आईं. कुछ शिक्षकों ने बताया कि उन्हें लंबे समय तक प्रशिक्षण केंद्रों पर रखा गया, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहा. वहीं, गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों द्वारा मेडिकल दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद उन्हें ड्यूटी से मुक्त नहीं किया गया और कार्य से इनकार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई.

शिक्षकों ने किया था जनगणना ड्यूटी का विरोध

एक शिक्षक ने बताया कि जनगणना कार्य के कारण उनकी निजी नौकरी पर भी संकट उत्पन्न हो गया था. उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन के साथ अनुबंध समाप्त होने की स्थिति में जनगणना कार्य से मिलने वाला मानदेय भी उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता. इसी तरह कई शिक्षकों ने रोजगार और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए जनगणना ड्यूटी का विरोध किया.

हाईकोर्ट ने 4 हफ्ते में मांगा राज्य सरकार से जवाब

वहीं, जिले के सात से अधिक स्कूल प्रबंधनों ने जिला प्रशासन और जनगणना के नोडल अधिकारियों को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति भेजकर शिक्षकों को जनगणना कार्य से मुक्त करने की मांग की. यह आदेश इंडिपेंडेंट सेल्फ फाइनेंस्ड स्कूल एसोसिएशन की याचिका पर पारित किया गया है. न्यायालय ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब भी तलब किया है.

हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करेगा प्राधिकरण

प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा. आदेश के बाद अब जनगणना कार्य के लिए अन्य विभागों के कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, जबकि 650 से अधिक निजी शिक्षक इस दायित्व से मुक्त हो गए हैं.

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