इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं. वहीं योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बयान सामने आया है. ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जो पुलिस का काम है पुलिस सही कर रही है. अब कोर्ट ने जवाब मांगा है तो उसका जवाब दिया जाएगा. बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से सख्ती के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. सपा ने भी सरकार के इस रवैये पर योगी सरकार को घेरा है.

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हाईकोर्ट ने पुलिस के रवैये पर उठाए सवाल

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोर्ट में इस तरह के मामले अक्सर सामने आते हैं, जिसमें मामूली अपराधों में भी पुलिस अंधाधुंध फायरिंग कर इन्हें मुठभेड़ करार दे देती है. हाईकोर्ट ने मिर्जापुर के राजू राजकुमार और दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उनकी मुठभेड़ में घायल होने पर यह बात कही है.

कोर्ट के मुताबिक इन मुठभेड़ों में किसी भी पुलिसकर्मी को किसी तरह की कोई चोटें नहीं आई, जिससे सवाल खड़े होते हैं. कोर्ट ने इस तरह से आरोपी के पैरों में गोली मारकर एनकाउंटर के रूप देने पर चिंता व्यक्त की है. 

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'सजा देने का अधिकार कोर्ट के पास'

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सजा देने का अधिकार सिर्फ कोर्ट के पास है, पुलिस के पास नहीं. इस बीच कोर्ट ने डीजीपी और गृह सचिव से जवाब मांगा है. कोर्ट ने पूछा है कि क्या पुलिस अफसरों को आरोपियों के गोली मारने संबंध में कोई भी लिखित या मौखिक निर्देश जारी किए गए हैं. 

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की मुठभेड़ आजकल एक नियमित घटना बनती जा रही हैं. जिसका उद्देश्य सिर्फ सीनियर अधिकारियों को खुश करने के लिए होता है. या फिर आरोपियों को सबक सिखाने के लिए सकता है.