वाराणसी: गंगा नदी में इफ्तार पार्टी करने का मामला, 8 युवकों इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी जमानत
Varanasi News in Hindi: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा घाट पर नाव इफ्तार पार्टी मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए 14 में से आठ युवकों को जमानत दे दी है.

- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गंगा घाट पर नाव इफ्तार पार्टी के 14 आरोपियों में से आठ को जमानत दी.
- यह मामला गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी और मांसाहार करने का था.
- उच्च न्यायालय ने 15 मार्च की घटना के बाद दर्ज FIR पर सुनवाई की.
- अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर 18 मई को अगली सुनवाई होगी.
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा घाट पर नाव इफ्तार पार्टी मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए 14 लोगों में से आठ को जमानत दे दी है. इन लोगों पर गंगा नदी में एक नाव पर इफ्तार पार्टी करने और नदी में हड्डियां फेंकने का आरोप था. शुक्रवार (15 मई) को जमानत का आदेश जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला और जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने अलग-अलग सुनवाई के दौरान दिया.
कोर्ट द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों में न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला ने 5 आरोपियों को जमानत दी, जबकि न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने 3 आरोपियों को ही जमानत दी. इस तरह इस मामले में कुल 14 आरोपियों में से अब 8 को जमानत मिल गई.
वाराणसी गंगा नदी में इफ्तार पार्टी करने वालों पर कोर्ट सख्त, सभी 14 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
किन आरोपियों को मिली जमानत?
इस मामले में जिन लोगों को जमानत मिली है, उनमें मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद अनस, मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद रजा और मोहम्मद फैजान शामिल हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर 18 मई को अगली सुनवाई करेगा. जमानत याचिका में याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है.
इन आरोपियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा तब खटखटाया, जब वाराणसी में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट और सेशंस कोर्ट, दोनों ने उनकी जमानत याचिकाएं पहले खारिज कर दी थी. आरोपियों ने कोर्ट में दायर किए गए हलफनामें में माफी मांगते हुए कहा था कि वो अपने कृत्य के लिए शर्मिंदा हैं और भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे. जमानत देने से पहले कोर्ट ने राज्य के सरकारी वकील को जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया था.
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 15 मार्च का है जब रमजान के दौरान वाराणसी में गंगा नदी पर कुछ मुस्लिम युवकों ने एक नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित की थी. इस कार्यक्रम का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें युवक इफ्तार के दौरान फल, कोल्ड ड्रिंक और चिकन बिरयानी खाते हुए दिखाई दे रहे थे.
वीडियो वायरल होने के बाद, स्थानीय BJP और हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों ने इसपर आपत्ति जताई थी. इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता रजत जायसवाल ने 16 मार्च को वाराणसी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज कराई थी. इसमें पूजा स्थल को अपवित्र करने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए थे. पुलिस ने FIR दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर सभी 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था.

























