अलीगढ़ में आम जनता को चोरी और लूट जैसी वारदातों से बचाने के लिए पुलिस ने बड़ी पहल शुरू कर दी है. एसपी ग्रामीण अमृत जैन अलग-अलग गांव में जाकर उन समिति के सदस्यों से बातचीत कर रहे हैं जिनको गांव की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली है. ग्राम प्रहरी के रूप में अलीगढ़ के देहात क्षेत्र में 8000 लोगों को जिम्मेदारी दी गई है.

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अब ग्राम प्रहरी का कर्तव्य निभाने वाले लोग गांव की सुरक्षा व्यवस्था के साथ गांव में होने वाली आपराधिक गतिविधियों की सूचना सीधे स्थानीय थाने या फिर एसपी ग्रामीण को उपलब्ध कराएंगे. इस कार्य से ना सिर्फ जनता ने राहत की सांस ली है बल्कि चोर और लुटेरों की सांस अटकने जा रही है.

पुलिस की पहल से सुरक्षित महसूस कर रहे है लोग

एसपी ग्रामीण अमृत जैन के द्वारा शुरू की गई इस पहल से सभी लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. जब देर रात होते ही लोग अपने घरों में कैद हो जाते है उसी समय एसपी ग्रामीण देहात के गांव की तंग गलियों में आम जनता की सुरक्षा की गारंटी देते नजर आ रहे हैं. आम तौर पर अफसर शाही ऐसी की चार दीवारों में रहती है लेकिन अफसर शाही के सही मायने क्या होते है ये अहम बात इस तश्वीर से लगाई जासकती है, अलीगढ़ पुलिस की इस पहल की चर्चा सोशल मीडिया पर भी जमकर हो रही है

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क्या कहते है एसपी ग्रामीण अमृत जैन

एसपी ग्रामीण अमृत जैन ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस की होती है और उसी कर्तव्य को वो निभा रहे हैं. देर रात करीब 1 बजे के लगभग वे अलीगढ़ के देहात क्षेत्र में स्थित थाना खैर और थाना गभाना क्षेत्र का दौरा किया. साथ ही गांव में गठित की गई समिति के सदस्यों से बातचीत की.

ग्राम प्रहरी अपराधियों को करेंगे चिन्हित

उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक गांव में मौजूद ग्राम प्रहरी गांव में आपराधिक कृत्यों को कारित करने वाले लोगो को चिन्हित करेंगे. साथ ही जरूरत पड़ने पर ग्राम प्रहरी स्थानीय पुलिस या आलाअधिकारियों से सम्पर्क कर सकते है. अमृत जैन पुलिस अधीक्षक देहात द्वारा ग्राम सुरक्षा समिति के साथ रातभर जागकर गस्त की गई. संवेदनशील स्थानों पर मोर्चे बनाये गये तथा अलाव जलाकर क्षेत्र के सम्भ्रांत व्यक्तियों के साथ रात्रि में गांव की सुरक्षा के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई. 

ग्रामीण क्षेत्र में बनाई गईं 886 ग्राम समितियां

अलीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र में कुल 886 ग्राम सुरक्षा समितियां बनाई गई है, जिसमें लगभग 8,000 लोगो को सम्मिलित किया गया है. इसका मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा स्थानीय स्तर पर सुरक्षा ढाँचे को मजबूत बनाना, सुरक्षा तंत्र को अधिक सक्रिय करने के साथ-साथ गाँवों में पुलिस की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाना है.