उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक हिस्ट्रीशीटर के मंच साझा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया.
विवाद रविवार (12 जुलाई) को शिखा झील पक्षी अभयारण्य में आयोजित राज्य सरकार के वृक्षारोपण कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ. कार्यक्रम की तस्वीरों में उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, बीजेपी सांसद सतीश गौतम और विधायक रवींद्र प्रताप सिंह के साथ मुजाहिद हसन खान उर्फ गुड्डू मंच पर दिखाई दिया.
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हिस्ट्रीशीटर के साथ मंच शेयर करने के बाद BJP की सफाई
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गुड्डू के खिलाफ हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े 28 से अधिक मामले दर्ज हैं. वह फिलहाल जमानत पर बाहर है. तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी के जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह ने कहा, "यह एक सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिसमें किसी के भी मंच पर आने की संभावना रहती है. मुझे उस व्यक्ति या उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं थी. मामले की जांच कराई जाएगी."
क्या बोला हिस्ट्रीशीटर गुड्डू?
वहीं, गुड्डू ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम में उसकी मौजूदगी को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. उसने कहा, ‘‘मैं राजनीति के साथ-साथ सामाजिक कार्यों से भी जुड़ा हूं. विभिन्न दलों के नेता जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों में साथ आते हैं. यह कार्यक्रम मेरे क्षेत्र में आयोजित हुआ था, इसलिए इतने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान से जुड़े आयोजन में मेरी मौजूदगी स्वाभाविक थी.’’
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. विपक्षी दलों के समर्थकों और बीजेपी के आलोचकों ने सवाल उठाया कि गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे एक व्यक्ति को सरकारी कार्यक्रम में सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच पर स्थान कैसे मिला.
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