Akhilesh Yadav News: सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया है. इस स्कीम के ज़रिए राजनीतिक दलों विभिन्न संस्थाओं से चंदा मिल रहा था. इसे सत्ताधारी दल बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जिसे लेकर अब समाजावादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला किया है. उन्होंने किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि अब दाने बाँटकर खेत लूटने वाली बीजेपी का मुखौटा उतर गया है.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर लंबी पोस्ट लिखते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस फ़ैसले से किसानों में एक नई ऊर्जा आई है. पैसों के लालच में जो बीजेपी ग़रीबों का हक़ मार रही थी अब वो ऐसा नहीं कर पाएगी. अगर पैसे लेकर सवाल पूछने पर किसी की सदस्यता जा सकती है तो फिर पैसे लिए नीतियां बनाने वाली बीजेपी के सभी सदस्यों की सामूहिक सदस्यता चली जानी चाहिए.
अखिलेश यादव ने साधा बीजेपी पर निशानाअखिलेश यादव ने लिखा, ‘इलेक्टोरल बॉन्ड’ को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा असंवैधानिक घोषित किये जाने से किसान आंदोलन के अंदर एक नई ऊर्जा आई है क्योंकि इन तथाकथित राजनीतिक चंदों के नाम पर जो लोग पिछले दरवाज़े से भाजपा की हथेली गरम करके खेती-किसानी से जुड़े कारोबारों पर क़ब्ज़ा करके अपना व्यापारिक स्वार्थ साधना चाहते थे, अब वो भाजपा को चंदा नहीं देंगे. भाजपा पैसे के लालच में गाँव, ग़रीब, किसान, मज़दूर का जो हक़ मार रही थी, वो सब अब धीरे-धीरे ख़त्म होगा.'
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा, 'अब ये बात किसानों-मज़दूरों व भाजपा विरोधी लोगों द्वारा देश के हर गाँव, गली, मोहल्ले तक पहुँचनी चाहिए कि ‘भ्रष्ट भाजपा’ कैसे अमीरों से पैसे लेकर आम जनता के ख़िलाफ़ साज़िश रचती है और भावनात्मक रूप से भोली-भाली आम जनता का शोषण करके अपना उल्लू सीधा करती है. पैसे लेकर सवाल पूछने के झूठे आरोपों पर जब किसी सांसद की सदस्यता जा सकती है, तो पैसे लेकर किसान-मज़दूर विरोधी नीतियाँ बनाने पर तो भाजपा के सभी सांसदों की सामूहिक सदस्यता चली जानी चाहिए. ‘दाने बाँटकर खेत लूटनेवाली भाजपा’ का मुखौटा अब उतर गया है. जनता जीतेगी, भाजपा हारेगी! हम सब साथ हैं!' इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा था कि ये फ़ैसला बीजेपी की नाजायज नीतियों का भंडाफोड़ है, जनता कह रही है कि लगे हाथ भाजपाइयों द्वारा लाए गये तथाकथित पीएम केयर फंड और तरह-तरह के भाजपाई चंदों पर भी खुलासा होना चाहिए.
