उत्तर प्रदेश के मथुरा में 'गो रक्षक' चंद्रशेखर उर्फ 'फरसा वाले बाबा' की मौत के बाद जमकर बवाल देखने को मिल रहा है, अब मथुरा में हुई इस मौत को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार और पुलिस-प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "हमें पता है कि कहाँ क्या गलत हो रहा है. हम देख सकते हैं कि जो गलत हो रहा है, उस पर क्या प्रतिक्रिया आ रही है. मथुरा में एक हत्या हुई, और उससे पहले वाराणसी में, और उससे भी पहले गोरखपुर में. तो, उत्तर प्रदेश में यह सिलसिला चलता आ रहा है. महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं... जब आप पुलिस से कुछ और काम करवाते हैं, तो वे सो जाते हैं. वे अपना काम नहीं करते. वे BJP के लिए काम कर रहे हैं, अपना काम नहीं कर रहे..."

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LPG बनी लापता गैस- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि, "अगर पुलिस अपना काम करे और बीजेपी का काम न करे तो बीजेपी की सरकार भी गिर जाएगी." सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यह भी कहा, "LPG अब 'लापता गैस' बन गई है. इसलिए, कोयला, लकड़ी, स्टोव और इंडक्शन स्टोव खरीदिए."

कौन थे फरसा वाले बाबा?

आपको बता दें  कि मथुरा के 'फरसा वाले बाबा' का असली नाम चंद्रशेखर था. वह बरसाना के आजनौख गांव में गौशाला चलाने वाले जाने-माने गौ-रक्षक थे. फरसा बाबा ब्रज क्षेत्र में एक प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक थे और हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे. वे गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे और प्रखर गौरक्षक और संत के रूप में जाने जाते थे. वह मथुरा के आजनौख में वे प्रवास करते थे,  निडर होकर गौ रक्षा में लगे रहते थे और ब्रज में उनकी काफी लोकप्रियता थी.

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गाड़ी से कुचलकर फरसा वाले बाबा की हत्या?

आपको बता दें कि ब्रज के विख्यात गौरक्षक चंद्रशेखर 'फरसा वाले बाबा' की आज (शनिवार 21 मार्च 2026) सुबह तड़के एक एक्सीडेंट में मौत हुई है. बताया जा रहा है कि फरसा वाले बाबा बाइक से गो तस्करों का पीछा कर रहे थे. यह घटना कोटवन चौकी के नवीपुर की बताई जा रही है. इस मामले में एक आरोपी को मौके से पकड़ लिया गया है, जबकि तीन अन्य भागने सफल रहे हैं. हालांकि पुलिस ने इसे एक्सीडेंट कहा है, जहां लोग इसे गोवंश तस्करी से जोड़ रहे हैं.