समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर तीन खबरों की कतरनें साझा करते हुए राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा है. कन्नौज सांसद ने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा- नाम एक, नियुक्तियाँ अनेक! नियुक्तियों का काम भी ‘जुगाड़ आयोग’ करने लगा है क्या?

सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अखिलेश यादव ने जिस खबर की तीन कतरनें साझा की हैं वह नियुक्तियां वर्ष 2016 किए जाने का दावा किया गया है. बता दें वर्ष 2017 में 11 मार्च तक राज्य में अखिलेश यादव की अगुवाई में समाजवादी पार्टी की सरकार थी.

अखिलेश द्वारा साझा किए गए कतरनों और स्क्रीनशॉट्स में दावा किया गया है कि एक अर्पित के नाम पर 6 और लोगों की नौकरी चल रही है. हिन्दी अखबार अमर उजाला की खबर में 6 मामलों के बारे में बताया गया है कि अर्पित सिंह पुत्र, अनिल कुमार सिंह, जन्म- 12 जून 1989 निवासी प्रतापनगर, शाहगंज, आगरा अलग-अलग 6 जगहों पर नौकरी कर रहा है. इसकी नियुक्तियां 25 मई 2016 से 25 जुलाई 2016 के दौरान हुईं.

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अखबार की रिपोर्ट के अनुसार अर्पित की पहली नियुक्ति 25 मई 2016 को फर्रूखाबाद, शमसाबाद में हुई. दूसरी तैनाती 31 मई को सीएचसी मुरसान, हाथरस, तीसरी- 8 जून 2016 बिलासपुर, रामपुर, चौथी- 12 जुलाई 2016, बिसौली बदायूं, पांचवी 25 जुलाई 2016 को नरैनी बांदा, और छछवीं 1 अगस्त 2016 को पचपेड़वा बलरामपुर में नियुक्ति हुई. रिपोर्ट के अनुसार अर्पित फिलहाल मुरसान में कार्यरत है.

इसी मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिना किसी का नाम लिए प्रतिक्रिया दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति 8 जगह नाम लिखाकर पैसे ले रहा था, जब जांच में सामने आया तब पता लगा. ये वही लोग हैं जो परिवार के लिए पैसे लेकर भर्ती करते थे. वो भर्ती 2016 की भर्ती है. हमने जांच करवाई, अभी भी जांच चल रही है, अगर जांच समय पर हो जाएगी तो बहुत सारे ऐसे महाभारत के रिश्ते अब बाकि का जीवन जेल में ही बिताने के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि उनके कारनामे ऐसे थे क्योंकि वे कारनामे उत्तर प्रदेश को गर्त की ओर धकेलने में सहायक हो रहे थे.