Akhilesh Yadav News: उत्तर प्रदेश में इन दिनों रामचरितमानस (Ramcharitmanas Controversy) को लेकर जमकर विवाद छिड़ा हुआ है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने जहां इसके खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है तो वहीं अन्य दल उनका विरोध कर रहे हैं. इस मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) भी बीजेपी को जमकर घेर रहे थे. लेकिन अपनी ही पार्टी में विरोध का स्वर उठने के बाद अब वो अलग राह पकड़ते नजर आ रहे हैं.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एक ट्वीट ने अब नई बहस को जन्म दे दिया है. उन्होंने एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है जिसमें भगवान राम की मूर्ति आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक ट्रक में ले जाई जा रही है. अखिलेश ने इसके साथ कैप्शन में लिखा, ''प्रभु राम का रथ, सपा का पथ.'' समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष का यह ट्वीट बीजेपी के उस आरोप के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है जिसमें उन्हें हिंदू विरोधी बताया जा रहा है.
इससे पहले आज अखिलेश यादव ने आगरा, फिरोज़ाबाद और मैनपुरी का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि "जो लोग कहते हैं कि जातीय जनगणना नहीं हो सकती, सरकार से हट जाएं. तीन महीने में अगर जातीय जनगणना ना करके दिखाएं समाजवादी लोग तो बताइएगा."
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अखिलेश यादव ने आगे कहा कि "बहुत से पिछड़े, दलित, आदिवासी जिन्हें संविधान से जो अधिकार मिले इस सरकार ने नहीं दिए. इस सरकार को ये बताना चाहिए कि जो वीसी बने खासकर यूपी के उसमें कितने दलित और पिछड़े हैं?" उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के साथ ही सूट बूट वालों को भी धोखा दे रही है. मैं भरोसा दिलाता हूं कि किसान, नौजवान और महंगाई के मुद्दे के तमाम सवाल हम लोग जनता के बीच में उठाते रहेंगे."