उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का फेसबुक पेज कथित तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है. समाचार लिखे जाने तक इस आशय की पुष्टि नहीं हो सकी थी कि यह तकनीकी गलती है या कोई और मामला है. अखिलेश का फेसबुक पेज करीब 4 घंटे से बंद है. सपा चीफ के इस पेज पर करीब 86 लाख फॉलोवर्स हैं.

मेरठ स्थित सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने कन्नौज सांसद का फेसबुक पर सोशल मीडिया पेज बंद होने के आशय की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव का फेसबुक अकाउंट बंद करवाकर सरकार उनको जनता के दिलों से दूर नहीं कर सकते! जनप्रिय लोक नेता है !  अखिलेश यादव जिंदाबाद

सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर अखिलेश यादव का पेज बनाने के लिए निम्नवत जानकारी सर्च की जा रही है. इसमें लिखा है- यह कॉन्टेंट अभी उपलब्ध नहीं है. आमतौर पर इसलिए होता है क्योंकि इसके ओनर ने इसे केवल लोगों के एक छोटे समूह के साथ शेयर किया है, बदल दिया है कि इसे कौन देख सकता है या इसे हटा दिया गया है.

सपा नेता पूजा शुक्ला ने भी सोशल मीडिया साइट एक्स पर दावा किया कि सपा प्रमुख का फेसबुक पेज बंद कर दिया गया है.

उन्होंने लिखा कि फेसबुक ने अपनी हदें पार कर दीं - उसने बिना किसी चेतावनी या सूचना के अखिलेश यादव का आधिकारिक पेज सस्पेंड कर दिया. यह कोई साधारण अकाउंट नहीं है - यह अखिलेश यादव हैं, लाखों लोगों की आवाज़! फेसबुक को अपनी सीमाओं का ध्यान रखना चाहिए - वह लोकतंत्र को दबा नहीं सकता.

सपा प्रवक्ता मनोज काका ने लिखआ कि भारत के तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूरी दुनिया में समाजवाद न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के बड़े पैरोकार माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश य़ादव का फ़ेसबुक पेज डिएक्टीवेट करना ये दर्शाता है कि स्वतंत्र अभिव्यक्ति के प्रति प्रतिबद्धता मेटा, मेटा इंडिया की भी अब सरकारों के हाथों गुलाम हो गयी है . मेटा से अपील है माननीय अखिलेश यादव जी के पेज यथाशीघ्र एक्टिव किया जाए.

 

अखिलेश यादव ने शुक्रवार को अपने पिता स्व. मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए जो पोस्ट लिखी थी, वह भी नहीं दिख रही है. तस्वीर- facebook

अखिलेश के फेसबुक सस्पेंड होने पर सपा-बीजेपी के बीच आरोप प्रत्यारोप

एबीपी लाइव से बात करते हुए सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के रहते हुए कौन विपक्ष की आवाज सुनेगा. देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के नेता का वेरिफाइड अकाउंट सस्पेंड होना कोई मामूली बात नहीं है. यह लोकतंत्र पर कुठाराघात है.

सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में चांद ने कहा कि देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव फेसबुक अकाउंट सस्पेंड करना लोकतंत्र पे हमला है भाजपा की सरकार देश मे आघोषित आपातकाल लगाये है जहाँ विरोध मे उठने वाली हर आवाज़ को भाजपा दबा देना चाहती है लेकिन समाजवादी पार्टी भाजपा की जन विरोधी नीतियों का विरोध करती रहेंगी.

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने एबीपी लाइव से कहा कि ऐसा क्यों हुआ इसका जवाब तो फेसबुक ही दे सकता है. इसका बीजेपी से कोई सरोकार नहीं है. समय समय पर बीजेपी नेताओं के भी अकाउंट भी सस्पेंड हुए हैं या हैक हुए हैं. इसका राजनीतिककरण नहीं करना चाहिए. उन्हें यह देखना चाहिए क्या कोई ऐसी सामग्री अपलोड हुई जो नियमों का उल्लंघन करती थी? 

इसके अलावा सोशल मीडिया साइट एक्स पर समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने एक पोस्ट किया. सपा की ओर से लिखा गया- फेसबुक ने अखिलेश यादव का अकाउंट क्यों ब्लॉक किया ? फेसबुक, मेटा से हमारे सवाल - ऐसा उन्होंने किस आधार पर किया? - ⁠क्या ये नीतिगत मामला है? - ⁠क्या बिना कारण ऐसा किया जाना अलोकतांत्रिक नहीं है? - ⁠क्या आम जनता के लिए आवाज़ उठानेवालों के एकांउट को बंद करना, मानवाधिकार का विषय नहीं हैं? - ⁠या इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण है?

अभी तक इस मामले में मेटा या मेटा इंडिया की ओर से कोई बयान उपलब्ध नहीं है.