बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आकाश आनंद को एक बार फिर राष्ट्रीय संयोजक (National Convener) बनाने का ऐलान किया है. सोमवार, 5 अक्टूबर को मायावती ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ऐलान किया.  उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने 6 बिंदुओं वाले बयान में ईशान और आकाश के पिता आनंद कुमार का जिक्र किया. मायावती ने आकाश को एक यह जिम्मेदारी उस वक्त दी है जब बीते दिनों उनके भतीजे ने सोशल मीडिया पर माफीनामा लिखा था.

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उन्होंने लिखा कि जैसा कि सर्वविदित है कि परमूपज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर व उनके परम अनुयायी मान्यवर कांशीराम जी की देश भर में बहुजन-हित हेतु जबरदस्त त्याग-तपस्या, आजीवन कड़ा संघर्ष व उनके उच्च आदर्श हमेशा ही प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं, जिस पर चलकर ही बी.एस.पी. ने देश की राजनीति में अभूतपूर्व सफलतायें अर्जित की हैं और अब खासकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव को लेकर सर्वसमाज के साथ उत्साहपूर्ण जबरदस्त तैयारी भी की जा रही है.

BSP चीफ ने लिखा कि यहां यह भी कहना है कि मेरा निजी नहीं बल्कि पूरा ’बहुजन समाज’ ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित व कल्याण मेरे लिये सर्वोपरि है और हमेशा ही रहेगा. इसी को मद्देनजर रखते हुये व खासकर पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के लिये ही मेरे द्वारा पिछले कुछ दिनों में, अनेकों सख्त फैसले भी लिये गये हैं और इसको लेकर मेरे अपने भाई-बहन व उनके परिवार के लोग कभी भी अपवाद नहीं रहे हैं, जो कि जग-जाहिर है.

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'आकाश आनंद का व्यवहार काफी हद तक...'

मायावती ने लिखा कि वैसे तो आकाश आनंद का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ जरूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अन्ततः आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है. जिसके बाद से आकाश आनंद के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका खास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ’एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है.

उन्होंने लिखा कि इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई जिम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौका दिया जाये, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई ईशान आनंद ने भी अपनी सहमति जताई है. वास्तव में ईशान आनंद ने तो अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुये यह भी कहा है कि वे बिना किसी पद के ही पार्टी में मा. बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी उनको कार्य सौंपे जायेंगे तो उसे वे अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से जरूर निभायेंगे.

'ईशान आनंद को बहुत...'

बसपा सुप्रीमो ने लिखा कि ऐसे में अब पार्टी काफी सोच-विचार करने के बाद पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आकाश आनंद को पुनः बी.एस.पी. का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाकर इनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौका दे रही है. उम्मीद है कि अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति सेे संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालाँकि यह काफी कुछ आकाश आनंद के ऊपर भी निर्भर करेगा.

उन्होंने लिखा कि इन्हीं कुछ जरूरी बातों के साथ ही अब मैं पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज लिये गये इस फैसले के साथ ही आकाश आनंद के राजनैतिक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही इनको ( आकाश आनंद) व इनके छोटे भाई ईशान आनंद को तथा इनके पिता आनंद कुमार को भी अपना बहुत-बहुत प्यार व आशीर्वाद देती हूं. इतना ही नहीं बल्कि पिछले दिनों हर परिस्थिति में मेरा साथ निभाने के लिए खासकर ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों का व अपने सभी शुभचिन्तकों आदि का भी मैं पूरे तहेदिल से व सम्मान के साथ उनका आभार भी प्रकट करती हूं.