अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के नेता अज्जू इसहाक और नगर आयुक्त अलीगढ़ प्रेम प्रकाश मीणा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में प्रेम प्रकाश मीणा से सपा नेता की तीखी नोंकझोंक हुई. सपा नेता ने नगर आयुक्त से नोंकझोक के दौरान पूछा कि कौन हो तुम, क्या लॉर्ड हो तुम, कौन हो तुम? जिसके बाद 33 सेकंड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. हर कोई नगर आयुक्त दफ्तर में घुसकर समाजवादी पार्टी के नेता अज्जू इसहाक सहित अन्य लोगों की ओर से की गई नोकझोंक को लेकर चर्चा करता नजर आ रहा है.

दरअसल पूरा मामला अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन इलाके के तस्वीर महल से जुड़ा है. यहां पर अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान फुटपाथ पर ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले व्यापारियों के साथ नगर निगम के सचल दस्ते के लोगों के द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया. मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है. अब हर कोई ठेली लगाने वाले फल विक्रेताओं के लिए समर्थन करता हुआ नजर आ रहा है. 

सियासी दलों ने नगर आयुक्त पर लगाए गंभीर आरोप

यही कारण है कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के तमाम पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाना शुरू कर दिया है. इस दौरान पार्टियों के नेताओं ने फल विक्रेताओं के उत्पीड़न पर सवाल खड़े किए हैं. नगर आयुक्त से नोंकझोंक का वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है.

तुम लॉर्ड हो क्या- अज्जू इशहाक 

जो वीडियो नगर आयुक्त और सपा के वरिष्ठ नेता अज्जू इशहाक के बीच नोंकझोक का वायरल हो रहा है, उसमें समाजवादी पार्टी के नेता नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा को फटकार लगाते दिख रहे हैं. इस वायरल वीडियो में अज्जू इशहाक ने नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा से जब फल विक्रेताओं की धकेल सड़क किनारे लगाने को लेकर नियमों के बारे में बातचीत की तो उनकी ओर से कहा गया रोड बनाना और हटाना मेरा अधिकार है. इसी पर अज्जू इशहाक ने कहा, 'कौन हो तुम, लॉर्ड हो क्या? गरीब लोगों की तरफ नहीं देख रहे.''

जनता में आक्रोश 

फल विक्रेताओं के साथ मारपीट के बाद आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर जनता में आक्रोश नजर आ रहा है. वहीं कुछ लोगों की ओर से आरोप लगाया गया है कि फल विक्रेताओं ने प्रवर्तन दल पर हमला किया. वहीं दूसरी ओर फल विक्रेताओं का कहना है कि उनके साथ मारपीट की गई. कुछ फल विक्रताओं को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया है, इसके बाद सियासी गलियारों में हलचल पैदा हो गई है. फिलहाल हर कोई नगर निगम की टीम के द्वारा फल विक्रेताओं के साथ की गई कथित मारपीट के बारे में चर्चा करता हुआ नजर आ रहा है. भाजपा को छोड़कर सभी दलों के नेताओं ने नगर निगम का घेराव किया है.