महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की अस्थियां गुरूवार को विसर्जन के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंची. गंगा के वीआईपी घाट पर विधि-विधान से अस्थि विसर्जन किया गया. जिसमें परिवार के नजदीकी लोग मौजूद रहे. परिवार के सदस्यों की अनुपस्थिति में एनसीपी यूथ विंग अध्यक्ष धीरज शर्मा ने रस्मों को पूरा करवाया. इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा-व्यवस्था के खासा इंतजाम किए थे.

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यहां बता दें कि इससे पहले 2 फरवरी को अजित पवार की अस्थियों को विसर्जन नासिक में गोदावरी नदी में किया गया था. चूंकि हिन्दू धर्म में गंगा का विशेष महत्व है, इसलिए अब गंगा में भी अस्थि विसर्जन किया गया.

गंगा तट पर पुलिस और सुरक्षा में स्थानीय पंडितों द्वारा विधि विधान और वैदिक मंत्रोचारण के बीच अस्थि विसर्जन सम्पन्न कराया. और उनकी आत्मा की शांति के लिए पाठ हुआ. एनसीपी नेता अस्थि कलश के साथ हरिद्वार पहुंचे थे. उनके साथ कई और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.

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28 जनवरी को विमान हादसे में हुआ था निधन

यहां बता दें कि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में हुआ था. उनका विमान लैंडिग के समय क्रैश हो गया था, जिसमें चालक समेत पांच लोगों की मौत हो गयी थी. एनसीपी के साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में उनके निधन से शोक की लहर दौड़ गयी थी. उनके निधन के पश्चात बीते शुक्रवार को उनकी पत्नी ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. इसके पीछे उद्देश्य पार्टी की कमान और कार्यकर्ताओं में भरोसा बनाए रखना माना जा रहा था.

स्थानीय नेता नहीं पहुंचे 

हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के दौरान कोई स्थानीय बीजेपी या अन्य किसी पार्टी का कोई नेता मौजूद नहीं रहा. यह कार्य्रकम बेहद निजी और अकस्मात रहा.कार्यकर्ताओं के मुताबिक अजित पवार के निधन से पार्टी में अभी भी शोक की स्थिति है. उनकी कमी को कैसे पूरा किया जाएगा यह किसी की समझ में नहीं आ रहा.