उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा मदरसों को लेकर दिए गए बयान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. जिसमें उन्होंने कहा था कि मदरसा कहीं भी हो, आतंकवादी पैदा करता है. इस बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम से माफी की मांग की है.

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AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि डिप्टी सीएम का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, आपत्तिजनक और अस्वीकार्य है. केशव मौर्य से माफी मांगने की मांग के साथ ही उन्होंने कहा कि मदरसों का इतिहास भारत की आजादी में अहम भूमिका निभाने का है.

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शादाब चौहान का बयान 

शादाब चौहान ने कहा, "डिप्टी सीएम केशव प्रसाद का मदरसों को लेकर दिया गया बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, आपत्तिजनक एवं अमर्यादित है और अस्वीकार है. मदरसों का इतिहास देश की आजादी में निभाने का है." 

उन्होंने आजादी एक आंदोलन में मदरसों की भूमिका का जिक्र करते हे कहा कि मौलाना हसरत मोहानी, मौलाना फजले हक खैराबादी,डॉ राजेन्द्र प्रसाद, राम मोहन राय जैसे नेता मदरसों से नील थे. शेखुल हिंद ने रेशमी रुमाल तहरीक चलाई, जोकि मदरसों की तरफ से थी. उलमा-ए-इकराम ने अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद का फतवा दिया और लाखों उलेमाओं ने देश की आजादी के लिए कुर्बानियां दीं.

राजनीतिक लाभ लेने का लगाया आरोप 

AIMIM प्रवक्ता ने आरोप लगते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए मदरसों पर आतंकवाद का आरोप लगाना गलत है. उन्होंने आगे कहा कि जहां से देश की आजादी के परवाने निकलें, जिन संस्थानों ने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई हो, उन पर इस तरह के आरोप लगाना गलत है.

संविधान और समान अधिकार का हवाला

शादाब चौहान ने संविधान के अनुच्छेद 29 का जिक्र करते हुए कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और संस्कृतिक अधिकारों की रक्षा करता है. इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि मौर्य को पहले अपने विभाग की जानकारी देनी चाहिए. आगे कहा कि अगर आप एक वर्ग को टारगेट करेंगे राजनीतिक लाभ  के लिए तो याद रखें कि मुसलमान दोयम दर्जे का नागरिक नहीं हैं.वो भी उतना ही सामान अधिकार रखता है, जितना अधिकार आपको है.

AIMIM प्रवक्ता ने अंग्रेजों के अहंकार का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ऐसी दमनकारी नीति का अंत अवश्य करेगी. बोले मदरसे देश की आजादी की लड़ाई में भागीदार थे और आने वाले समय में भी देश की प्रगति और उन्नति में भागीदार रहेंगे.

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