उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव के आज़म खान को लेकर दिए बयान के बाद मोहम्मद अली जौहर को भारत के विभाजन का ज़िम्मेदार बताया, जिस पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के नेता एडवोकेट शादाब चौहान सीएम के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने सीएम योगी के आरोपों को एकदम ग़लत बताया और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा. 

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AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने सीएम योगी के दिए बयान के लिए सपा को ज़िम्मेदार बताया और कहा कि मुख्यमंत्री ने जब मोहम्मद अली जौहर पर ग़लत आरोप लगाए तो सपा ने उसका जवाब क्यों नहीं दिया. क्या सपा को सिर्फ मुसलमानों के वोट चाहिए, उन्होंने सवाल किया कि क्या सपा को मुस्लिम क्रांतिकारियों के अपमान का जवाब नहीं देना चाहिए था.  

सीएम योगी के आरोपों को बताया गलत

शादाब चौहान ने एक्स पर पोस्ट करते सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा- 'शिवपाल यादव के आज़म खान को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी ने महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मौहम्मद अली जौहर साहब के संबंध में तथ्यहीन बातें की जबकि मौलाना मोहम्मद अली जौहर गांधी जी के साथ भी आजादी के आंदोलन में हिस्सा लिए थे और देश की स्वतंत्रता के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहे. 

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उनका देहांत सन 1931 में हो गया जबकि हमारे मुख्यमंत्री उन पर आज़ादी का विरोधी और देश के बंटवारे की ज़िम्मेदारी का आरोप लगा रहे हैं. लेकिन, उससे ज्यादा अफसोस इस बात का है कि मुसलमानों के वोट के स्वघोषित ठेकेदार अखिलेश यादव एवं उनके परिवार की ओर से अभी तक इस पर कोई बयान नहीं आया की किस प्रकार एक महान स्वतंत्रता सेनानी का इसलिए अपमान किया गया कि वह मुसलमान है.

क्या सिर्फ आपको मुसलमान का वोट चाहिए लेकिन कोई अगर मुसलमान पर सवाल खड़ा करेगा, अत्याचार करेगा तो आपके मुंह में दही जम जाएगी? क्या उत्तर प्रदेश का मुसलमान आपका सियासी गुलाम है या आपका वोट डालने वाला रोबोट? याद रख लीजिए आप मुसलमान के वोट पर अब सियासी डकैती नहीं डाल पाएंगे,  निश्चित बीजेपी को भी और आपको को भी हम जवाब जरूर देंगे. अगर कोई भी तथ्यहीन बात हमारे मदरसों के बारे में, उलेमा ए इकराम के बारे में, स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में होगी या फिर कहीं भी अत्याचार चाहे मुजफ्फरनगर दंगे के रूप में, अखलाक की लिंचिंग के रूप में या योगी सरकार में मुसलमान के खिलाफ कानून का दुरुपयोग के रूप में होगा तो हम दोनों का मुंहतोड़ संवैधानिक तरीके से जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है. 

उत्तर प्रदेश के मुसलमान ने 34 साल आप पर विश्वास किया लेकिन आपकी तरफ से धोखा मिला, बस अब और नहीं. ऐसा प्रतीत होता है कि योगी जी और शिवपाल जी की मैच फिक्सिंग से यह दोनों बयान दिए गए, जबकि तथ्यात्मक बात यह है कि आम तौर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास ही गृह मंत्रालय रहता है अगर इतनी हमदर्दी है तो घोषणा कर दीजिए कि मुख्यमंत्री के चेहरा होंगे.

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शायद यह मैच फिक्सिंग की वजह से शिवपाल जी के पीडब्ल्यूडी विभाग की आज तक जांच नहीं हुई, ना ही अखिलेश जी की आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे एवं गोमती रिवरफ्रंट के संबंध में जांच हुई?

सिर्फ मुसलमान के वोट लेकर उन्हीं को बलि का बकरा बनाना, उन पर अत्याचार करना यह सपा और भाजपा की मैच फिक्सिंग है जिसके माध्यम से मुसलमान को सियासी अछूत बनाया जा सके और उनके बीच में किसी नेतृत्व को मजबूत न होने दिया जाए.'

सीएम योगी ने दिया था ये बयान

बता दें कि सपा नेता शिवपाल यादव ने बीते दिनों आजम खान और उनके परिवार से मुलाकात के बाद ये दावा किया था कि अगर यूपी में सपा की सरकार बनी तो आजम खान गृहमंत्री होंगे. इसके जवाब में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए कहा था कि सपा उन्हें गृहमंत्री बनाने की वकालत करती है जिन्होंने भारत का विभाजन करने वाले एक व्यक्ति (मोहम्मद अली जौहर) के नाम पर यूनिवर्सिटी स्थापित की. 

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