आगरा में यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज की ओर से बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया गया. बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग ट्रैक्टरों से एत्मादपुर के मुड़ी चौराहा पहुंचे, जहां काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए. एहतियातन पुलिस की भी बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी. यूजीसी मुक्ति मोर्चा की ओर से मुड़ी चौराहा से आगरा कलेक्ट्रेट के घेराव का आह्वान किया गया था. इसके बाद प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर मार्च के रूप में आगरा जिला मुख्यालय के लिए निकल पड़े. 

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पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग के साथ हाइड्रा और बड़ी मशीनें लगाकर रास्ता रोकने का प्रयास किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगह नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई. प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग हटाकर और दूसरे रास्तों से आगे बढ़ते रहे. प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यूजीसी नए कानून में संशोधन नहीं किया गया तो वह इसका परिणाम आगामी चुनाव में देंगे.

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पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक

आगरा-जलेसर मार्ग पर यमुना एक्सप्रेसवे के नीचे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच एक बार फिर नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई. इसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारी यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए और कुछ देर के लिए यातायात रोक दिया.  प्रदर्शनकारी एक्सप्रेसवे पर लेट गए और दोनों लेनों में यातायात रोक दिया. हालांकि आगरा पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे पर किसी भी तरह का जाम नहीं लगा.

एसडीएम को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

यूजीसी मुक्ति मोर्चा के नेतृत्वकर्ताओं ने यमुना एक्सप्रेसवे कट, आगरा-जलेसर मार्ग पर एसडीएम एत्मादपुर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें यूजीसी संशोधित अधिनियम 2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने, आरक्षण संबंधी संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों में संशोधन करने और आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग शामिल है.

SC-ST एक्ट में संसोधन की मांग

यूजीसी मुक्ति मोर्चा के नेतृत्वकर्ताओं ने इसके साथ ही एससी-एसटी एक्ट में संशोधन की भी मांग उठाई गई. सवर्ण समाज सामाजिक संगठन, किसान यूनियन और क्षत्रिय महासभा की ओर से संयुक्त मोर्चा बनाया गया था. आंदोलन के नेतृत्वकर्ता धर्मेंद्र सिंह चौहान, पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त ने कहा कि यूजीसी आंदोलन में लोग लगातार आते रहे हैं. उन्होंने कहा कि यूजीसी के कानून में जो संशोधन किए गए हैं, वह हमारे बच्चों के भविष्य को अंधकार की ओर ले जाएगा.

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