आगरा अवैध धर्मांतरण मामला: सरगना अब्दुल रहमान की कोर्ट में पेशी, 10 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर
Agra News:मूल रूप से फिरोजाबाद के रहने वाले अब्दुल रहमान का असली नाम महेंद्र पाल जादौन बताया जा रहा है, जिसने 1990 में धर्म परिवर्तन किया था.पॉडकास्ट के जरिए हिंदू धर्म के खिलाफ प्रचार करता था.

आगरा में अवैध धर्मांतरण के बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने के बाद मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान उर्फ रहमान चाचा को मंगलवारको कड़ी सुरक्षा के बीच दीवानी स्थित सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया. आगरा पुलिस ने अब्दुल रहमान को दिल्ली के मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया था, जहां से कई धार्मिक किताबें और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई थी कोर्ट ने पुलिस की 14 दिन की रिमांड मांग पर सुनवाई करते हुए अब्दुल रहमान को 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में भेज दिया है.
पुलिस के मुताबिक अब्दुल रहमान इस अवैध धर्मांतरण रैकेट का मास्टरमाइंड है. मूल रूप से फिरोजाबाद के रहने वाले अब्दुल रहमान का असली नाम महेंद्र पाल जादौन बताया जा रहा है, जिसने 1990 में धर्म परिवर्तन किया था. वह इस रैकेट को संचालित कर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाने में शामिल था. जांच में सामने आया है कि रहमान यूट्यूब चैनल और पॉडकास्ट के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा और हिंदू धर्म के खिलाफ प्रचार करता था.
दो सगी बहनों के मामले से हुआ खुलासा
आगरा के थाना सदर बाजार क्षेत्र में मार्च 2025 में दो सगी बहनों (33 और 18 वर्ष) के अचानक गायब होने की शिकायत दर्ज हुई थी. पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उनकी तलाश शुरू की और कोलकाता से दोनों को बरामद किया. जांच में पता चला कि इन बहनों का ब्रेनवॉश कर अवैध धर्मांतरण कराया गया था. इस मामले ने पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया, जिसके तार छह राज्यों और विदेशों तक जुड़े हुए हैं.
कोर्ट पेशी और पुलिस रिमांड
आगरा पुलिस ने अब्दुल रहमान को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीजेएम कोर्ट में पेश किया. अभियोजन अधिकारी ब्रजमोहन कुशवाह ने बताया कि पुलिस ने 14 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की. इस दौरान पुलिस अब्दुल रहमान से पूछताछ कर रैकेट के अन्य सदस्यों, फंडिंग स्रोतों और नेटवर्क की जानकारी हासिल करेगी.
रैकेट के तार विदेशों से जुड़े
पुलिस जांच में सामने आया कि इस रैकेट को कनाडा, अमेरिका, लंदन, दुबई और पाकिस्तान से फंडिंग मिल रही थी. अब्दुल रहमान के भतीजे के लंदन से फंडिंग री-रूट करने की बात भी सामने आई है. इसके अलावा, रैकेट के तार प्रतिबंधित संगठन PFI, SDPI और लश्कर-ए-तैयबा से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं. पुलिस ने अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से कई कन्वर्टेड मुस्लिम हैं.
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