उत्तर प्रदेश के आगरा जिला कारागार में मुलाकात के दौरान चरस तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ है. जेल प्रशासन की सतर्कता से बिस्किट के पैकेट में छिपाई गई 406 ग्राम चरस पकड़ी गई है. आरोपी अली खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, बंदी कासिम समेत दोनों पर एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर  जांच शुरू कर दी है. इस घटना ने जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और नशे की तस्करी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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जेल प्रशासन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की बात कही है, अधिकारियों के मुताबिक यदि जेल कर्मियों की संलिप्तता मिली तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा. उधर पुलिस ने जेल परिसर में चरस कैसे पहुंची इसकी सुरागकसी शुरू कर दी है.

क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के अनुसार, अली खान नामक युवक जेल में डेढ़ साल से बंद विचाराधीन बंदी कासिम से मिलने पहुंचा था. उसने शाहरुख के नाम से मुलाकात की पर्ची लगाई थी, ताकि किसी को शक न हो. लेकिन जेल के मुख्य द्वार पर की जा रही सघन तलाशी के दौरान वार्डरों को बिस्किट का एक पैकेट संदिग्ध लगा. जब पैकेट को खोलकर जांच की गई तो उसके अंदर छिपाकर रखी गई करीब 406 ग्राम चरस बरामद हुई. इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी से जेल प्रशासन भी हैरान रह गया. यह साफ हो गया कि आरोपी जेल के भीतर नशे की सप्लाई करने के इरादे से आया था, लेकिन समय रहते उसकी कोशिश नाकाम कर दी गई.

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पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

चरस की बरामदगी के बाद जेल प्रशासन और पुलिस दोनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. पूरे घटनाक्रम की सूचना तत्काल थाना हरिपर्वत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अली खान को हिरासत में लिया और उसके साथ ही बंदी कासिम के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया. घटना के बाद यह आशंका भी जताई जा रही है कि इससे पहले भी जेल के भीतर मादक पदार्थों की सप्लाई की गई होगी है, जिसकी जांच अब तेज कर दी गई है.

जेल की सुरक्षा व्यवस्था चौकस

जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने कहा कि जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौकस है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है और यदि कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क इसमें शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.