आगरा में स्मार्ट सिटी परियोजना की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ बीजेपी के वार्ड संख्या 12 के पार्षद किशन नायक ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया. अपने जन्मदिन के अवसर पर पार्षद किशन नायक भूमिगत नाले में उतर गए और वहीं खड़े होकर केक काटकर नगर निगम व स्मार्ट सिटी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की. इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग भी मौके पर पहुंचे और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. नाले में खड़े होकर जन्मदिन मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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पार्षद किशन नायक ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार मानसून से पहले 31 मई तक सभी नालों की सफाई पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन उनके वार्ड में स्थित करीब 14 साल पुराने भूमिगत नाले की अब तक सफाई नहीं कराई गई. उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में नगर निगम के अधिकारियों से 12 बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला.

उनका कहना है कि एक जून को हुई बारिश में वाल्मीकि बस्ती, लंगड़े की चौकी और महाराणा प्रताप बस्ती के कई घरों में पानी भर गया, जिससे लोगों को पूरी रात भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. लोग मोबाइल की टॉर्च जलाकर अपने बच्चों की सुरक्षा करते रहे.

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नाले की बदहाल स्थिति पहले भी कई हादसों की वजह बन चुकी

किशन नायक ने बताया कि नाले की बदहाल स्थिति पहले भी कई हादसों की वजह बन चुकी है. नगर निगम का एक कर्मचारी नाले में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे करीब तीन महीने तक बेड रेस्ट करना पड़ा. इसके अलावा डेढ़ वर्षीय एक मासूम भी नाले में गिर गया था, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. उनका कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी.

वरिष्ठ अधिकारियों को समस्या से अवगत के बाद भी समाधान नहीं 

पार्षद किशन नायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य हर बस्ती तक स्वच्छता पहुंचाना है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता से यह सपना अधूरा नजर आ रहा है. उन्होंने बताया कि कई वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या से अवगत कराया गया, फिर भी समाधान नहीं हुआ. किशन नायक ने कहा कि जब तक उनके वार्ड की जनता जलभराव और गंदगी से परेशान रहेगी, तब तक जन्मदिन का उत्सव मनाने का कोई औचित्य नहीं है. जनता की समस्या का समाधान ही उनके लिए सबसे बड़ा जन्मदिन का उपहार होगा और यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

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