आगरा में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया. 52 वर्षों से वैवाहिक जीवन बिता रही एक बुजुर्ग महिला ने अपने 74 वर्षीय पति पर दूसरी शादी की तैयारी करने का आरोप लगाते हुए राज्य महिला आयोग से न्याय की गुहार लगाई. महिला का कहना है कि उसके पति उसे तलाक देकर दूसरी महिला से विवाह करना चाहते हैं, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है.

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सर्किट हाउस में आयोजित महिला जनसुनवाई में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और अन्य मामलों से जुड़ी करीब 70 से 75 शिकायतों की सुनवाई की. इसी दौरान यह मामला भी आयोग के सामने आया.

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52 साल की शादी, चार बेटे और अब दूसरी शादी का विवाद

पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी शादी को 52 वर्ष हो चुके हैं और उसके चार बेटे हैं. उसने बताया कि उसके बड़े बेटे की उम्र करीब 50 वर्ष है. महिला के अनुसार, उसके पति की उम्र 74 वर्ष है और वह अब दूसरी शादी करना चाहते हैं. महिला का दावा है कि जिस महिला से उसके पति विवाह करना चाहते हैं, उसकी उम्र भी लगभग 60 वर्ष है. 

महिला ने कहा कि उसे इस प्रस्तावित शादी की जानकारी अपने बेटे के माध्यम से मिली. इसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में है और न्याय की तलाश में महिला आयोग तक पहुंची है.

पति पर प्रताड़ना और चरित्रहीनता के आरोप

जनसुनवाई के दौरान महिला ने आरोप लगाया कि शादी के शुरुआती दिनों से ही उसके पति के साथ संबंध अच्छे नहीं रहे. उसने कहा कि उसे लंबे समय तक मानसिक और पारिवारिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. महिला के अनुसार, वर्ष 2013 से वह अपने पति से अलग रह रही है. 

उसने अपने पति पर चरित्रहीन होने का आरोप भी लगाया और कहा कि पति के व्यवहार के कारण उसका वैवाहिक जीवन कभी सामान्य नहीं रहा. महिला ने बताया कि उसके सभी बेटे अब अपने-अपने परिवारों के साथ अलग रहते हैं, जिसके चलते वह स्वयं को अकेला और असहाय महसूस करती है. 

संपत्ति में अधिकार की मांग, आयोग ने लिया संज्ञान

महिला ने आयोग के समक्ष मांग रखी कि उसके पति के नाम पर दर्ज संपत्ति में उसका अधिकार सुनिश्चित किया जाए. उसका कहना था कि परिवार की संपत्ति बनाने में उसका भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, इसलिए उसे उसका हिस्सा मिलना चाहिए. जब जनसुनवाई के दौरान महिला से पूछा गया कि क्या वह अपने पति को दूसरी शादी की अनुमति देगी, तो उसने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब वह स्वयं जीवित है तो पति दूसरी शादी कैसे कर सकता है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने शिकायत पर संज्ञान लिया और जनसुनवाई के दौरान महिला के पति से भी पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की. आयोग ने संबंधित पक्षों से बातचीत कर मामले के तथ्यों की जांच शुरू कर दी है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि आयोग इस पारिवारिक विवाद में क्या निर्णय और सिफारिशें करता है.

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