गाजीपुर से समाजवार्दी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी बुधवार (2 सितंबर) को अपनी दोनों बेटियों के साथ लखनऊ के डालीबाग स्थित अपनी कोठी पहुंचे. कोर्ट के आदेश के बाद कोठी की सील हटाकर उन्हें कब्जा सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई. इस दौरान नगर निगम और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही.

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डालीबाग की यह कोठी मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी के परिवार से जुड़ी होने के कारण लंबे समय से प्रशासन की निगरानी में थी. करीब 6,700 वर्गफीट में बनी यह कोठी अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर दर्ज है.

गाजीपुर के डीएम के आदेश पर 28 अक्टूबर 2022 को इस कोठी को सील किया गया था. उस समय गाजीपुर पुलिस की टीम लखनऊ पहुंची थी और कोठी को सील करने की कार्रवाई की थी. इसके बाद इसकी देखरेख और निगरानी की जिम्मेदारी लखनऊ नगर आयुक्त को दी गई थी.

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बाद में गाजीपुर की अदालत ने फरहत अंसारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कोठी वापस करने का आदेश दिया. इसके बाद गाजीपुर जिला प्रशासन ने लखनऊ नगर आयुक्त को पत्र भेजकर कोठी की सील हटाने और उसे सौंपने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा.

नगर निगम और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई

बुधवार को गाजीपुर डीएम के आदेश के बाद नगर निगम की टीम कोठी की चाबी सौंपने पहुंची. टीम में नायब तहसीलदार राजेंद्र कुमार और लेखपाल भी शामिल रहे. मौके पर अफजाल अंसारी अपनी दोनों बेटियों के साथ मौजूद रहे. इस दौरान आसपास काफी लोगों की भीड़ जुट गई.

अब बदला कोठी तक पहुंचने का रास्ता

इस कोठी का मुख्य गेट पहले डालीबाग की मुख्य सड़क की तरफ खुलता था. लेकिन अब एलडीए की सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना की बाउंड्री बनने के बाद यह रास्ता बंद हो गया है. यह आवासीय योजना उस जमीन पर विकसित की गई है, जिसे एलडीए ने मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराया था. अब कोठी तक पहुंचने के लिए 1090 की तरफ बंधा रोड से नया रास्ता बनाया गया है. कोर्ट के आदेश के बाद अब प्रशासन ने कोठी को उसके मालिकाना हक वाले परिवार को वापस सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.