लखनऊ, शैलेश अरोड़ा। 1985 बैच के आईपीएस अफसर हितेश चंद्र अवस्थी ने शुक्रवार शाम को प्रदेश के कार्यवाहक डीजीपी का चार्ज लिया। ओपी सिंह ने हितेश अवस्थी को चार्ज सौंपा। चार्ज लेने के बाद कार्यवाहक डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने मीडिया से बात कर अपनी प्राथमिकताएं गिनाई। नवनियुक्त डीजीपी ने कहा की पुलिस का आमजन साथ व्यवहार चाहे थाना स्तर का हो या बीट स्तर का वो अच्छा होना चाहिए। विभाग में सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की संस्कृति हो इसका प्रयास रहेगा। आपको बता दें कि कार्यवाहक डीजीपी डीजी विजिलेंस के पद पर हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा पुलिस प्रशिक्षण प्राथमिकता में रहेगा। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक की समस्या से सभी जूझते हैं, ITMS और ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढाकर इसमें सुधर करेंगे। महिला और बाल अपराधों पर नियंत्रण करना प्राथमिकताओं में होगा इसके अलावा साइबर अपराध नयी जनरेशन का अपराध है जिसे तकनीक से रोकेंगे। कार्यवाहक डीजीपी ने कहा कि बीट व्यवस्था पुलिस कार्यप्रणाली की रीढ़ की हड्डी है। पूर्व डीजीपी के समय जो इनोवेशन्स हुए हैं उनको बढ़ावा देंगे। स्मार्ट पोलिसिंग का जो कांसेप्ट है, उसमे ये सब आता है। पुलिस को समय के साथ स्मार्ट बनाना है, तकनीक से मजबूत करना है।
1986 बैच के आइपीएस अधिकारी डीजी सुजान वीर सिंह, 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी डीजी ईओडब्ल्यू डॉ.आरपी सिंह, इसी बैच के डीजी उप्र राज्य मानवाधिकार आयोग जीएल मीणा, डीजी फायर सर्विस विश्वजीत महापात्रा, 1988 बैच के डीजी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड आरके विश्वकर्मा, डीजी जेल आनन्द कुमार व केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आ रहे डीजी डीएस चौहान के नाम भी रेस में शामिल हैं। हालांकि, अब तक संघ लोकसेवा आयोग को भेजे गए नामों पर कोई निर्णय न होने की सूचना है। इसके चलते ही कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किये गये हैं।
