सपा नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दोहरे पासपोर्ट मामले में सत्र अदालत से राहत मिली है. सात साल की सजा को कोर्ट ने रद्द कर दिया. इस पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है.
संजय सिंह ने कहा, "आजम खान साहब और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम लगातार बीजेपी सरकार ने झूठे मुकदमे लगा-लगाकर जेल में डाला. एक बार वो किसी मामले से बरी होते हैं, जेल से निकलकर बाहर आते हैं फिर दूसरा मामला लगाकर जेल भेज देते हैं. ये मैं समझता हूं कि ये लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. विपक्ष को इस तरह से कुचलने काम लेकिन अब वो (बीजेपी) ईडी पार्टी है तो अपनी आदत से मजबूर हैं."
आप सांसद ने आगे कहा, "जांच एजेंसियों का दुरुपयोग, पुलिस का दुरुपयोग ये बीजेपी की नश नश में भरा हुआ है. आज अब्दुल्ला आजम को राहत मिली है, आगे आजम खान साहब को भी मिलेगी."
वहीं, अब्दुल्ला आजम के मामले में वकील नासिर सुल्तान ने बताया कि रामपुर स्थित सांसद-विधायक (एमपी-एमएलए) सत्र अदालत ने उनकी अपील स्वीकार करते हुए मजिस्ट्रेट अदालत के पांच दिसंबर, 2025 के आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत उन्हें 50 हजार रुपये के जुर्माने के साथ सात वर्ष की सजा सुनाई गई थी.
यह मामला भारतीय जनता पार्टी के नेता और नगर विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर साल 2019 में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्म तिथियों का उपयोग कर दो पासपोर्ट प्राप्त किए थे. उनके वकील सुल्तान ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) डॉ. विजय कुमार ने अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत का आदेश रद्द कर दिया.
वकील ने कहा कि इस निर्णय से अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत मिली है. अब्दुल्ला आजम इस मामले में अकेले आरोपी थे. गौरतलब है कि अब्दुल्ला आजम और उनके पिता आजम खान को पूर्व में कथित तौर पर दो पैन कार्ड रखने के 2019 के एक अन्य मामले में भी दोषी ठहराया गया था. उस मामले में एमपी-एमएलए अदालत ने दोनों को नवंबर 2025 में सात-सात वर्ष की सजा सुनाई थी. अब्दुल्ला आजम खान वर्तमान में रामपुर जेल में हैं.
