महोबा पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ ऑपरेशन दहन के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह की मौजूदगी में जनपद के विभिन्न थानों में जब्त किए गए 44 किलो से अधिक गांजा मादक पदार्थों को आज इंसीनरेटर मशीन के जरिए नष्ट कर दिया गया. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत 11 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के क्रम में महोबा पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. इसी कड़ी में आज पुलिस लाइन महोबा में ऑपरेशन दहन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया संपन्न हुई. पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गठित विशेष कमेटी की निगरानी में जनपद के अलग-अलग थानों में दर्ज कुल 15 मुकदमों से संबंधित माल का निस्तारण किया गया.
करीब 11 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत का है गांजा
इस कार्रवाई के दौरान कुल 44.617 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपये से ज्यादा है, को पूरी पारदर्शिता के साथ तौला गया और फिर अत्याधुनिक इंसीनरेटर मशीन के माध्यम से जलाकर नष्ट कर दिया गया. पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई.
ऑपरेशन दहन का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराना
अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि ऑपरेशन दहन का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराना और अपराधियों के हौसले पस्त करना है. जनपद के विभिन्न थानों में लंबे समय से लंबित पड़े मादक पदार्थों के मुकदमों के माल को आज विधिक प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया है. महोबा पुलिस अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी कर रही है और भविष्य में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके.
इस मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर अरुण कुमार सिंह, अभियोजन अधिकारी के.पी सिंह और कई थाना प्रभारी मौजूद रहे. पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि महोबा की धरती पर अवैध मादक पदार्थों का कारोबार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है.
