उज्जैन: कोरोना संक्रमण की वजह से 300 साल बाद ऐसा संयोग बना है कि नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों का प्रवेश नहीं होगा. यह मंदिर साल भर में केवल एक बार 24 घंटे के लिए खोला जाता है. मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में प्रथम तल पर नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर विद्यमान है. यह मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए साल भर में एक दिन नागपंचमी पर खोला जाता है. कोरोना की वजह से उज्जैन रेड जोन में है और यहां पर 71 लोगों की मौत हो चुकी है. इसी के चलते नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पट आज रात खोले जाएंगे लेकिन आम श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह के मुताबिक कोरोना संक्रमण की वजह से नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर में के ऑनलाइन दर्शन होंगे. मंदिर में परंपराओं का पूरी तरह निर्वहन किया जाएगा,  मगर श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद शंकर व्यास के मुताबिक, 300 साल बाद ऐसा संयोग बना है. 300 साल पहले सिंधिया राजवंश ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था, उस समय नाग पंचमी के दिन एक बार श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति नहीं मिल पाई थी.

हर साल आते हैं लाखों श्रद्धालु

ऐसी मान्यता है कि नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने मात्र से कालसर्प दोष से मुक्ति मिल जाती है. यही वजह है कि हर साल लाखों की संख्या में भक्तों नाग पंचमी पर दर्शन के लिए आते हैं. इस बार नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद होने की वजह से शिव भक्तों में मायूसी है. अब शिव भक्तों को मंदिर के पट खुलने का वर्ष भर इंतजार करना पड़ेगा. नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पट शनिवार रात 12 बजे बंद कर दिए जाएंगे.

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