यूथ कांग्रेस चुनाव: सचिन पायलट के खेमे में 'वर्चस्व की लड़ाई', रोचक हो सकते हैं नतीजे
Youth Congress Election in Rajasthan: यूथ कांग्रेस चुनाव में लंबे समय से पायलट गुट का ही दबदबा रहा है. लेकिन इस बार पायलट गुट ख़ुद दो खेमों में बंटता हुआ दिख रहा है.

राजस्थान में यूथ कांग्रेस चुनाव का शंखनाद हो चुका है. ऐसे में अब दावेदार दमख़म दिखाते हुए नज़र आ रहे हैं. आज (16 मार्च) दिल्ली में हो रहे संसद घेराव में भी प्रदेश से कई दावेदार भारी संख्या बल के साथ अपनी ताक़त दिखाने पहुंचे. अब जल्द ही नॉमिनेशन और मेंबरशिप कार्यक्रम जारी होगा. यह चुनाव अब केवल चुनाव नहीं बल्कि ‘वर्चस्व की लड़ाई’ बनता नज़र आ रहा है. पिछले कई चुनाव के नतीजे देखें तो सचिन पायलट गुट से ही यूथ कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनता रहा है. लेकिन इस बार पायलट गुट में वर्चस्व की लड़ाई नज़र आ रही है.
क्या है वर्चस्व की लड़ाई?
पिछले दो तीन चुनाव को यदि देखें तो इस चुनाव में मुकेश भाकर का अपना एक दबदबा रहा है. वे जिसके समर्थन में भी उतरते हैं, उसकी जीत सुनिश्चित मानी जाती रही है. भाकर के बढ़ते राजनीतिक ग्राफ़ से पायलट गुट के कुछ विधायक और छात्र नेता असहज महसूस कर रहे हैं. भाकर के ख़िलाफ़ लामबंद हुए मोर्चे का मानना है कि यूथ कांग्रेस का चुनाव किसी एक नेता के दम पर नहीं जीते जाते. यदि कोई ऐसा सोचता है तो ये उसका भ्रम है और भ्रम टूट जाते हैं.
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पायलट गुट से कौन-कौन हैं दावेदार?
भाकर से अदावत रखने वाले नेता इस बार एकजुट होकर अनिल चोपड़ा को प्रदेश अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़वाने जा रहे हैं. इसके पीछे भी बड़ी सियासत छिपी है. उनका मानना है कि पहला दांव उन्होंने अनिल चोपड़ा के रूप में चल दिया. अब यदि भाकर किसी अन्य चेहरे पर दांव खेलते हैं तो फिर ये पायलट खेमे को कमज़ोर करने का काम होगा. भाकर के ख़िलाफ़ लामबंद हुए मोर्चे में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पुनिया, विधायक रामनिवास गावडिया, छात्र नेता निर्मल चौधरी सहित कई विधायक और पूर्व विधायक भी हैं, जो फ़िलहाल खुल कर सामने नहीं आए हैं.
यूथ कांग्रेस से जुड़े सूत्रों की मानें तो मुकेश भाकर सीकर यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहे मुकुल खीचड़ को चुनाव लड़वाने जा रहे हैं और इसको लेकर उनकी मौन स्वीकृति भी मिल चुकी है. हालांकि अब तक मुकेश भाकर खुलकर मैदान में नहीं आए हैं. लेकिन मुकुल खीचड़ के समर्थन में कई ज़िलों में फ़ोन किए गए हैं.
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यूथ कांग्रेस चुनाव में रहा है पायलट गुट का दबदबा
यूथ कांग्रेस चुनाव में लंबे समय से पायलट गुट का ही दबदबा रहा है. लेकिन इस बार पायलट गुट ख़ुद दो खेमों में बंटता हुआ दिख रहा है. अब यदि मुकेश भाकर और भाकर ख़िलाफ़ लामबंद हुए मोर्चे में सहमति नहीं बनती है तो इस चुनाव के नतीजे काफ़ी रोचक होने वाले हैं.
Source: IOCL




























