जोधपुर जिले के लूणी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया. क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण अपने साथ खाली मटकियां, तख्तियां और बैनर लेकर आए. इस दौरान उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग उठाई.

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ग्रामीणों का कहना है कि लूणी क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है. गर्मी बढ़ने के साथ हालात और खराब हो गए हैं. कई गांवों में लोगों को पीने का पानी जुटाने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है.

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महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया.

पहले भी दिया था प्रशासन को अल्टीमेटम

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि 25 मई को करीब 150 गांवों की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था. उस समय अधिकारियों को 15 दिन का समय देते हुए पेयजल संकट दूर करने की मांग की गई थी.

ग्रामीणों का कहना है कि तय समय बीत जाने के बाद भी हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया. इसी वजह से उन्हें मजबूर होकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करना पड़ा.

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो दिनों में कुछ इलाकों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू की गई है. हालांकि उनका कहना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है और इससे पूरे क्षेत्र की समस्या का समाधान नहीं होगा. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर प्रशासन पहले ही सक्रिय हो जाता तो लोगों को इतनी गर्मी में सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती.

जल्द समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन

ग्रामीणों ने मांग की कि लूणी क्षेत्र के सभी गांवों में सालभर नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि पानी कोई सुविधा नहीं बल्कि हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है.

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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि पेयजल संकट को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके.