अमेरिका-ईरान सीजफायर पर ऑल इंडिया सज्जादानशीन काउंसिल के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ये सीजफायर पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ी मिसाल है कि अगर हौसले बुलंद हों तो बड़ी से बड़ी ताकत को झुकना पड़ता है. ईरान की बहुत बड़ी जीत है. ईरान के हौसले की जीत है. दुनिया के सामने तस्वीर बड़ी साफ हो गई है कि अमेरिका और इजरायल जैसे मुल्क पूरी दुनिया में महाशक्ति कहलाने का जो दावा करते थे, उस पर अब विराम लग गया है. ईरान ने ये साबित कर दिया है कि वो बड़ी से बड़ी ताकत के सामने झुकेगा नहीं.
अजमेर दरगाह के सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा, ''इस युद्ध से पूरी दुनिया के हालात खराब हो रहे थे. मुझे उम्मीद है कि अब सुधार आएगा. इस सीजफायर से एक और बात साबित हो गई कि जुल्म के आगे झुका नहीं जाता, जुल्म के आगे डटकर लगा जाता है. अयातुल्लाह अली खामेनेई साहब की शहादत भी एक मिसाल बनेगी और ईरान का जज्बा भी एक मिसाल बनेगा.''
चिश्ती ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर साधा निशाना
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए कहा, ''अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुबह कुछ कहते हैं, दोपहर में कुछ कहते हैं और शाम को कुछ कहते हैं. मैं समझता हूं कि उनके प्रति लोगों का जो एक विश्वास था वो कम हुआ है. लोग समझ गए हैं कि वो किस तरह से बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, होता कुछ भी नहीं है. लेकिन इस जंग में ट्रंप और उनकी सरकार पूरी तरह से घुटनों पर आ चुकी है, उनको झुकना पड़ा है.''
UN का जिक्र कर क्या बोले नसीरुद्दीन चिश्ती?
UN का जिक्र कर नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा, ''ये संस्था बड़े मुल्कों के सामने मौन धारण किए हुए है. इनके प्रयास पूरी तरह से असफल रहे हैं. इंटरनेशनल नियमों का पालन होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पूरी तरह से अमेरिका और इजरायल जैसे मुल्कों ने अपनी मनमानी की है. इस युद्ध का हर्जाना इन दोनों मुल्कों से लिया जाना चाहिए.''
