उदयपुर स्कूल हादसे में बच्ची की मौत के बाद प्रशासन का एक्शन, इंजीनियर सस्पेंड, फर्म पर FIR
Udaipur School Accident News: सरकारी स्कूल हादसे में बच्ची की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया. कार्यवाहक इंजीनियर सस्पेंड, संविदा कर्मचारियों की सेवाएं खत्म और निर्माण फर्म पर FIR के आदेश दिए गए.

उदयपुर के एक सरकारी स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से एक बच्ची की मौत मामले में सरकारी अमले ने कार्रवाई शुरू कर दी है. हादसा आदिवासी बहुल इलाके कोटड़ा के पाथर पड़ी गांव में स्वतंत्रता दिवस के दिन हुआ. इसमें एक बच्चीं भी घायल हुई थी.
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है. कार्यवाहक असिस्टेंट इंजीनियर हेम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. खास बात यह है कि हेम सिंह का मूल पद थर्ड ग्रेड टीचर का है, लेकिन उन्हें तकनीकी जिम्मेदारी दे दी गई थी. इसके अलावा सिविल कंसलटेंट पद पर संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं.
निर्माण कार्य करने वाली फर्म दिव्यांशी एंटरप्राइजेज के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है. हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे कर्मचारियों पर तो कार्रवाई हो रही है, लेकिन बड़े अधिकारियों पर कोई जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही.
कैसे हुआ हादसा
15 अगस्त को गांव के सरकारी स्कूल में मरम्मत का काम चल रहा था. बताया जा रहा है कि यह बिल्डिंग काफी समय से जर्जर हालत में थी और इसके छज्जे में पहले से ही दरारें पड़ चुकी थीं.
दोपहर के समय अचानक मरम्मत के दौरान छज्जा भरभराकर गिर पड़ा. उसी वक्त स्कूल के पास दो बच्चियां बकरियां चरा रही थीं. छज्जा टूटकर उन पर गिरा और दोनों मलबे के नीचे दब गईं.
स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चियों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक एक बच्ची ने दम तोड़ दिया. दूसरी बच्ची को गंभीर चोटें आईं और उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
गुस्से में ग्रामीण
हादसे के बाद गांव वालों ने मौके पर जमकर हंगामा किया. ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल की मरम्मत के नाम पर काम में लापरवाही बरती गई और पहले से ही खतरनाक हालत में खड़ी इमारत को समय पर दुरुस्त नहीं किया गया. लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ क्यों किया गया.
पहले भी हो चुका हैं हादसा
बता दें बीते दिनों झालावाड़ के पिपलौद गांव में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हो गए थे. सुबह प्रार्थना के लिए छात्र इकट्ठा हुए थे, तभी यह हादसा हुआ. घटना में लापरवाही पाए जाने पर 5 शिक्षकों और शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को निलंबित किया गया था.
Source: IOCL


























