उदयपुर: कार की तेज रफ्तारी और कुछ सेकेंड में जिंदगी खत्म, मौत से पहले दोस्तों की चीखों का वीडियो वायरल
Udaipur Accident News: टक्कर इतनी भीषण थी कि 10 मिनट तक घायल युवक कार के अंदर से मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन जब तक लोग उन्हें बाहर निकालते, तब तक 4 दोस्त दम तोड़ चुके थे.

उदयपुर के सवीना में हुए दर्दनाक सड़क हादसे का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें मौत से पहले की चीखें और रफ्तार का जुनून साफ नजर आ रहा है. 17 जनवरी की तड़के हुए इस हादसे में 4 दोस्तों की जान चली गई थी. वायरल वीडियो में कार 140 की रफ्तार पर दौड़ती दिख रही है, जबकि पीछे बैठा दोस्त बार-बार गाड़ी धीरे चलाने की मिन्नतें कर रहा था.
"भाई मुझे बचा लो, मुझे सांस नहीं आ रही है." यह उस बेबस दोस्त की आखिरी गुहार थी जो सवीना बाइपास पर मलबे में तब्दील हो चुकी कार के अंदर फंसा हुआ था. शनिवार तड़के करीब तीन बजे हुए इस हादसे ने पूरे उदयपुर को सुन्न कर दिया है. हादसे से ठीक पहले का एक वीडियो अब सामने आया है जिसे कार में ही सवार एक दोस्त बना रहा था.
वीडियो में दिख रहा है कि शेर मोहम्मद कार को 120 से सीधे 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर ले जाता है. पीछे से एक दोस्त उसे टोकता भी है, लेकिन महज 70 सेकंड के भीतर ही रफ्तार का यह शौक मातम में बदल जाता है. जांच में सामने आया कि बरकत कॉलोनी निवासी मोहम्मद अयान का 16 जनवरी को जन्मदिन था. जश्न मनाने के लिए उसके पास कार नहीं थी, तो उसने अपनी स्कूटी गिरवी रखकर पैसे जुटाए और यह कार किराए पर ली.
4 दोस्तों की मौके पर मौत
सभी दोस्त महफिल-ए-मिलाद कार्यक्रम से लौटकर चाय पीने हाईवे पर निकले थे, तभी इनकी भिड़ंत राजगढ़ से वापी जा रही एक गुजरात नंबर की कार से हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि 10 मिनट तक घायल युवक कार के अंदर से मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन जब तक लोग उन्हें बाहर निकालते, तब तक 4 दोस्त दम तोड़ चुके थे. हादसे में अयान, आदिल कुरैशी, शेर मोहम्मद और गुलाम ख्वाजा की मौत हो गई, जबकि वसीम और मोहम्मद कैफ गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
दूसरी कार में सवार परिवार घायल
दूसरी कार में सवार चूरू निवासी महिपाल जाट का परिवार भी इस हादसे में बुरी तरह घायल हुआ है. पुलिस ने क्रेन की मदद से गाड़ियों को थाने पहुंचाया है. यह वीडियो एक सबक है उन युवाओं के लिए जो रफ्तार को रोमांच समझते हैं. एक दोस्त की जिद और रफ्तार के जुनून ने चार परिवारों के चिराग बुझा दिए.
Source: IOCL

























