टोंक के उनियारा कस्बे के ककोड़ इलाके में सोमवार को सरकारी स्कूल के एक क्लासरूम की छत गिर गई. हादसे के वक्त स्कूल में बच्चे मौजूद थे, लेकिन गनीमत यह रही कि जिस कमरे की छत गिरी, उसे कुछ दिन पहले ही बंद कर दिया गया था. अगर समय रहते यह एहतियात नहीं बरती जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था.

जानकारी के मुताबिक, जैसे ही छत गिरने की आवाज आई, स्कूल में अफरा-तफरी मच गई. आसपास के क्लासरूम में पढ़ाई कर रहे बच्चों में डर का माहौल बन गया. गिरती छत का मलबा पास के कमरे तक जा पहुंचा, जिससे कुछ बच्चों को हल्की चोटें भी आईं. हालांकि सभी बच्चे अब सुरक्षित हैं.

छत गिरने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावक स्कूल पहुंच गए. कई लोगों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया. अभिभावकों ने कहा कि अगर बच्चों की सुरक्षा पहले ही सुनिश्चित की जाती तो ऐसी स्थिति ही नहीं बनती. घटना के बाद कई बच्चों में डर का माहौल है और वे क्लासरूम में बैठने से भी हिचकिचा रहे हैं.

स्कूल के 17 में से 15 कमरे जर्जर

स्कूल प्रशासन के अनुसार, इस सरकारी विद्यालय में कुल 17 कमरे हैं, जिनमें से 15 जर्जर हालत में हैं. कई कमरों को पहले ही बंद कर ताले लगा दिए गए थे. लेकिन इस स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चों की पढ़ाई फिलहाल सुरक्षित माने जा रहे कुछ ही कमरों में हो रही है, जो बेहद असुविधाजनक है.

घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और बच्चों के अभिभावकों को आश्वासन दिया कि जल्द ही जर्जर कमरों की मरम्मत या पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.