राजस्थान विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर विवादों में घिर गई है. एमए समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान छात्रों को प्रश्नपत्र की जगह आंसर की (उत्तर कुंजी) वितरित कर दी गई. इस गंभीर चूक के बाद परीक्षा तत्काल रद्द कर दी गई है.

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परीक्षा केंद्रों पर जब छात्रों ने प्रश्नपत्र खोला तो उनके सामने प्रश्नों के साथ उत्तर भी मौजूद थे. शुरुआत में छात्रों को लगा कि यह मॉडल पेपर है, लेकिन बाद में पता चला कि यह आधिकारिक उत्तर कुंजी है. घटना की सूचना मिलते ही केंद्रों पर हड़कंप मच गया.

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छात्रों का विरोध, परीक्षा रद्द

छात्रों ने परीक्षा देने से इनकार कर दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. छात्र नेता लक्ष्यराज लुहारिया और लोकेश गुर्जर ने इसे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

प्रिंटिंग प्रक्रिया में हुई गलती

प्रारंभिक जांच में पता चला कि प्रिंटिंग के दौरान उत्तर कुंजी वाला लिफाफा गलती से प्रश्नपत्र समझ लिया गया. परीक्षा नियंत्रक राकेश राव ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. परीक्षा अब 27 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी.

इस घटना ने राजस्थान विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विद्यार्थियों का कहना है कि ऐसी लापरवाही उनकी मेहनत को प्रभावित करती है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से दोबारा परीक्षा के लिए सहयोग की अपील की है.

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