Kota Weather News: इन दोनों राजस्थान में गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है और गर्मी की तपन से लोगों का हाल बेहाल है. चेहरे पर पसीने की बूंदें दिखाई देती है तो कंठ सूख रहे हैं. शहर में गाड़ियों की आवाजाही के बीच यह तपन और बढ़ जाती है. कोटा शहर की बात करें तो यहां पिछले तीन दिनों से गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखा रखे हैं और इस तीखे तेवर के चलते सड़के सूनी नजर आ रही है. लोग पेड़ की छांव तलाशते नजर आते हैं. कहीं आइसक्रीम की दुकान तो कहीं गन्ने के रस की दुकान पर अपने कंठ को तर करते लोग नजर आ जाते हैं. लेकिन उसके बाद भी गर्मी का प्रकोप कम होने का नाम नहीं लेता.

45.3 डिग्री पर पहुंचा कोटा का तापमानकोटा शहर का तापमान इन दिनों 45.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है जबकि हम दूसरी तरफ बात करें तो कोटा शहर का एक इलाका ऐसा भी है जहां पर गर्मी की तपन कुछ कम है. यदि शहर में तापमान 45 डिग्री होता है तो दूसरी तरफ स्टेशन क्षेत्र में तापमान 2 से तीन डिग्री तक कम हो जाता है. हालत यह है कि आज भी यहां कूलर के आगे सोने पर रजाई और कंबल का सहारा लेना पड़ता है। इस भीषण गर्मी में यह बात कुछ समझ नहीं आती लेकिन यह यहां की सत्यता है.  लाखों की संख्या में है पेड़ पौधेवरिष्ट सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी मौसम शाला कमलेश का कहना है कि कोटा के स्टेशन क्षेत्र में आर्मी क्षेत्र भी आता है, इस आर्मी क्षेत्र में लाखों की संख्या में सैकड़ो प्रजातियों के पेड़ पौधे हैं. इन पेड़ों की वजह से यहां पर ठंडक रहती है. इसके बिल्कुल नजदीक ही रेलवे कॉलोनी क्षेत्र आता है जहां पर ऐसा कोई घर नहीं है जहां पर पेड़ नहीं हो. रेलवे के एक-एक मकान में 8 से 10 पेड़ दिखाई दिए जाते हैं. तापमान में करता है गिरावटयही नहीं इन पेड़ों में फलों के पेड़ भी काफी मात्रा में है ताकि पशु पक्षियों को भी उनका भोजन मिल सके. ऐसा भी कहा जाता है कि यह रेलवे कॉलोनी, रेलवे के क्षेत्र में एशिया की सबसे बड़ी रेलवे कॉलोनी है, जहां पर हजारों की संख्या में रेलवे के मकान है. कमलेश का कहना है कि इसके अतिरिक्त पास से निकल रही चम्बल, कुछ दूर पर खेतों का होना भी यहां के तापमान में गिरावट करता है. सर्दी में रास्ता बदल लेते हैं लोग कोटा के स्टेशन क्षेत्र में सबसे अधिक सर्दी पड़ती है. जब शहर में टेंपरेचर 10 डिग्री होता है तो यहां पर उसके विपरीत टेंपरेचर 5 या 6 डिग्री पर आ जाता है और इसका भी मूल कारण यहां पर आसपास घने पेड़ों का होना है. सर्दी के समय जब लोग यहां किसी काम से आते हैं तो अपना रास्ता बदलकर दूसरी तरफ से स्टेशन पहुंचते हैं. क्योंकि यहां सर्दी बहुत अधिक होती है. कोटा में मौसम विभाग भी दो तरह से तापमान बताता है. शहर का तापमान अलग रहता है और स्टेशन क्षेत्र का तापमान अलग रहता है. ऐसे में यह जगह लोगों को संदेश देती है कि यदि अधिक पेड़ होंगे तो पर्यावरण स्वच्छ होगा. हवा के माध्यम से श्वास स्वच्छ होकर शरीर में जाएगी और वातावरण में भी ठंडक देखने को मिलेगी. यहां पर रहने वाले लाखों लोग ठंडी और स्वच्छ हवा लेते हैं.

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