राजस्थान में अब कैब कम्पनियों की मनमानी नहीं चलेगी. परिवहन विभाग ने इसे लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं. राजस्थान मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स 2025 का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. इसके तहत कैब कंपनियां, कैब चालक और डिलीवरी सर्विस वाहन नियंत्रित होंगे.
कैब कंपनियों की किराया नीति को आम यात्रियों के लिए नियंत्रित करने, कैब एवं डिलीवरी सर्विस कंपनियों की जिम्मेदारी तय करने के सम्बंध में ये नियम बनाए गए हैं. इसमें उन एग्रीगेटर कंपनियों को नियंत्रित किया जाएगा, जिनके पास 25 से अधिक वाहन होंगे.
पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य
जानकारी के अनुसार, कंपनियों को परिवहन विभाग या केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. पोर्टल पर मौजूदा और नए एग्रीगेटर को लाइसेंस लेना होगा. यह लाइसेंस 5 साल के लिए वैध रहेगा. नियम जारी होने के 15 दिन में एग्रीगेटर सेवा का लाइसेंस लेना जरूरी होगा. नए रूल्स में चालकों पर सख्त नियम लागू होंगे. इसके तहत उन्हें 40 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से लेना होगा. किसी भी आपराधिक मामले में दोषी या सजा पाए लोग कैब नहीं चला सकेंगे. कैब ड्राइवर की आंखों की जांच, मेडिकल चैकअप, दिमागी स्थिति का भी परीक्षण कराना जरूरी होगा. कैब कंपनियों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों की पालना करानी जरूरी होगी.
नए रूल्स में अधिक सुरक्षित होगी कैब में यात्रा
- वाहनों में वीएलटीडी डिवाइस लगे होने से सरकार को सही लोकेशन मिलेगी.
- वाहन के अंदर पैनिक बटन जरूरी होंगे, इससे महिला सुरक्षा बढ़ेगी.
- ड्राइवर यदि निर्धारित रूट से अलग जाएगा तो कंट्रोल रूम को सूचना मिलेगी
- एप पर ड्राइवर की सही पहचान, पुलिस वेरिफिकेशन देखने की प्रक्रिया होगी
- कम्पनी को पैनिक अलर्ट्स के बारे में पुलिस को रियल टाइम जानकारी देनी होगी
- ड्राइवर द्वारा यात्री के साथ आपराधिक गतिविधि करते ही ड्राइवर को ऑफ रूट किया जाएगा
- कम्पनी को एप का डेटा 3 महीने से लेकर 24 महीने तक सुरक्षित रखना होगा
- प्रत्येक चालक की साफ-सुथरी फोटो एप पर प्रदर्शित होनी चाहिए
- एप में महिला यात्री अपने लिए महिला चालक का चयन कर सकेंगी
- ड्राइवर राइड स्वीकार करने के बाद कैंसिल करेगा तो 10 प्रतिशत जुर्माना लगेगा
- यह जुर्माना राशि अधिकतम 100 रुपए होगी
- यात्री के बिना वैलिड रीजन कैंसिलेशन पर भी 10 प्रतिशत जुर्माना लगेगा
- टैक्सी में फर्स्ट एड किट, अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से लगाने होंगे
प्रत्येक यात्री का 5 लाख रुपए का रहेगा बीमा
कैब में यात्रा करते समय अब प्रत्येक यात्री का 5 लाख रुपए का बीमा रहेगा. नए नियमों में चालकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं. वाहन चालक का 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा एग्रीगेटर कम्पनी को कराना होगा. वहीं 10 लाख रुपए का टर्म इंश्योरेंस भी कराना होगा. कम्पिनयों को ड्राइवर को 80 फीसदी किराया राशि देना अनिवार्य होगा. वाहन चालक कई एग्रीगेटर्स के साथ वाहन चला सकेंगे.
हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा ऐप
यात्री और चालक दोनों के लिए ऐप में यात्रा अनुभव का फीडबैक देने का विकल्प होगा. कैब कम्पनियों का एग्रीगेटर ऐप हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपयोग किया जा सकेगा. चालकों को लेकर यह भी सख्ती बरती जाएगी कि वह पिछले 3 साल के दौरान किसी आपराधिक मामले में वांछित या दोषी न रहा हो. चालकों को यात्रियों से अच्छे व्यवहार और ऐप की वर्किंग के सम्बंध में प्रॉपर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. अब जबकि परिवहन विभाग ने नए नियम लागू कर दिए हैं, देखना होगा कि इन नियमों की धरातल पर कितनी पालना हो सकेगी.
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